विद्युत विभाग का स्वर्गलोक से कनेक्शन,स्वर्गलोक से हो रही है मीटर रीडिंग। विद्युत विभाग का बड़ा खेल,संविदा नौकरी छोड़ चुके कर्मियो की आईडी हो रही है संचालित। पीड़ितो ने प्रदेश के आलाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से किया शिकायत ।

विद्युत विभाग का स्वर्गलोक से कनेक्शन,स्वर्गलोक से हो रही है मीटर रीडिंग।
विद्युत विभाग का बड़ा खेल,संविदा नौकरी छोड़ चुके कर्मियो की आईडी हो रही है संचालित। पीड़ितो ने प्रदेश के आलाधिकारियों सहित मुख्यमंत्री से किया शिकायत ।



मुसाफिरखाना अमेठी। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार काम कर रही है वही वीवीआईपी अमेठी में विद्युत विभाग के आला अधिकारियों की नाक के नीचे ही उनके सानिध्य में ही खेल खेला जा रहा है ।स्थानीय कार्यालय से स्वर्ग से भी मीटर रीडर लगातार 06 महीने से क्षेत्र में घर घर जाकर मीटर रीडिंग करते हुए बिल जारी कर रहा है वही दो संविदा कर्मियों द्वारा काम छोड़ने के बावजूद भी उनकी आईडी से लगातार बिल बनाने का मामला प्रकाश में आया है।मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं।

मामला केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के वीवीआईपी संसदीय क्षेत्र अमेठी के मुसाफिरखाना तहसील मुख्यालय स्थित एसडीओ कार्यालय से जुड़ा है।मीटर रीडर के तौर पर कार्यरत रहे राज कुमार पांडेय की बीते वर्ष 19 सितंबर को इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।किंतु इसके बावजूद भी विभागीय अधिकारियों की सरपरस्ती में राजकुमार पाण्डेय स्वर्ग से भी लोगों के घर पहुंचकर उनके मीटर की रीडिंग करते हुए अप्रैल महीने का भी विद्युत बिल जारी कर चुके हैं।वही दूसरे मीटर रीडर रहे कन्हैया लाल ने निजी कारणों से फरवरी 2022 को काम छोड़ दिए किंतु उनकी आईडी से भी विद्युत बिल बनाए जा रहे हैं।जब कन्हैया लाल को बिल जारी होने की जानकारी हुई तो उन्होंने जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।वही हरि शंकर ने भी नवंबर 2021 में मीटर रीडर का काम छोड़ चुके हैं।इसके बाद भी उनकी आईडी से अनाधिकृत तौर पर बिल बनाए जा रहे हैं।सूत्रों के अनुसार प्राप्त आंकड़ों के आधार हरि शंकर की आईडी से फरवरी महीने में 1298 मार्च 2023 में 252 उपभोक्ताओं के बिल जारी किए गए हैं वही कन्हैया लाल की आईडी से फरवरी में 1437 मार्च में 1288 के साथ ही अप्रैल में भी 07 उपभोक्ताओं के बिल मीटर रीडिंग करते हुए बिल जारी किया गया है।वही 19 सितंबर को इलाज के दौरान स्वर्गवासी हुए राज कुमार पाण्डेय द्वारा मार्च 2023 में 1404 व अप्रैल महीने में 10 उपभोक्ताओं के विद्युत बिल बनाने का मामला  उजागर हुआ ।मामला डीएम के संज्ञान में आने के बाद सूत्रों के अनुसार लीपापोती का खेल भी शुरू हो गया।और आनन फानन में काम छोड़ चुके लोगों की करीब दर्जन भर आईडी बंद कर दी गई है।कन्हैया लाल द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर व हरि शंकर द्वारा डीएम को शिकायती पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की गई है। हालांकि मामला उजागर होने के बाद जांच के बाद क्या कार्यवाही होती है यह तो समय तय करेगा ।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ