सिस्टम की ढील से पियक्कड़ के हौसले बुलंद।
सांझ ढलते सज जाते मयखाने मुख्य मार्ग के चलते राहगीरों को आवागमन में होती परेशानी स्थानीय लोगों में देखा जा रहा रोष।
बिनोद सिह /दैनिक अक्षय मेल ।
बाजार शुकुल अमेठी। आबादी के मुख्य मार्ग से 500 मीटर के दायरे में शराब बिक्री पर भले ही प्रतिबंध लगा दिया हो, मगर सरकार की ये मंशा कतई नहीं होगी कि ये दुकानें आबादी में खुलें और शराबी यहां उत्पात मचाएं, लेकिन उत्पात अब खूब हो रहा है। आबादी के बीच न सिर्फ दुकानें खुली हुईं हैं बल्कि शाम के वक्त शराबियों की महफिल भी जमी रहती है। महिलाओं को इन ठेकों के सामने से गुजरने में क्या तकलीफ होती होगी, वही बता सकती हैं। इसी तकलीफ के चलते क्षेत्र के कई इलाकों में हंगामा हो चुका है। क्षेत्र में आक्रोश पनप रहा है, जो कभी भी फूट सकता है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौन देखे जा रहे हैं। कस्बे के रानीगंज रोड पर मधुशाला केंद्र स्थित है जहां पर शाम ढलते ही पियक्कड़ों का जमवाड़ा देखा जा सकता है।
आए दिन झगड़े व छींटाकशी देखी व सुनी जा सकती है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के जैनम गंज ऊंचगांव में खुले देशी शराब के ठेकों पर भी यही हाल स्थानीय लोगों द्वारा देखा व सुना जा रहा है। सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय प्रशासन मौन देखा जा रहा है। कस्बा सहित जैनम गंज ऊंचागांव मथुरा केंद्रों पर शाम छह बजे के बाद शराबियों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है और रात तक जाम टकराते ठेके के बाहर खुलेआम शराब पीती देखी जाती है। प्रशासन की गाड़ियां यहां से गुजर जाती मगर टोकाटाकी नहीं की जाती। जिससे पियक्कड़ के हौसले बुलंद देखे जा रहे हैं।

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