विशेश्वरगँज ४जुलाई, महान युगदृश्टा स्वामी विवेकानन्द जी के ११९वीँ पुण्यतिथि पर ब्लाक युवा काँग्रेस विशेश्वरगँज





रिपोर्ट_महफूज खान

अक्षय मेल अमेठी



विशेश्वरगँज ४जुलाई, महान युगदृश्टा स्वामी विवेकानन्द जी के ११९वीँ पुण्यतिथि पर ब्लाक युवा काँग्रेस विशेश्वरगँज के तत्वावधान मे आयोजित मानव सेवा सँकल्प सभा प्रेमकुटी नेजाभार मे ब्लाक अध्यक्ष श्री अँकित कुमार मिश्र की अध्यक्षता किया गया, जिसमे मुख्य अतिथि श्री विनय सिंह अध्यक्ष भारतीय राष्ट्रीय मजदूर काँग्रेस इँटक मध्य जोन /अवध प्राँत ने उपस्थित युवाओँ को संबोधित करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी महान विचार, सुधारक, प्रवक्ताऔर कर्मयोगी थे। उन्होंने हिन्दूधर्मावलंबियोँ में  ब्याप्त रुढियोँ,अंधविश्वासोँ तथा अग्यान के विरुद्ध आजीवन सँघर्ष किया था। स्वामी विवेकानन्द जी ने राषट्रीयता ,देशभक्ति तथा स्वतंत्रता की प्रबल भावनाऐँ जागृति करके निरँतर भारत की दीन दुखी व पीड़ित जनता जिसे उन्होने दरिद्र नारायण कहा था के आर्थिक, सामाजिक मुक्ति के लिए ठोस कार्य करने हेतु जोर देकर वकालत की थी। स्वामी विवेकानन्द जी के गुरू रामाकृष्ण परमहँस ने कहा था कि दया ही काफी नहीं है, आवश्यकता है मानव सेवा की और उसे पृथ्वी पर  भगवान का रूप मानने की। स्वदेश से वापस आने के बाद स्वामी विवेकानन्द जी ने रामेश्वरम के शिव मंदिर में पूजा करने के बाद वहाँ एकत्र जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा था कि शिव की पूजा मूर्तियोँ में नही बल्कि गरीब, कमजोर और बीमार लोगोँ मे करो। उन्होंने अपने गुरुदेव रामाकृष्ण परमहँस के जीवन और उपदेशोँ को अपने निजी भाष्य से यह स्पष्ट किया कि उनके गुरुदेव का लक्ष्य का निचोड़ सेवा के माध्यम से जनोद्धार द्वारा धार्मिक पुनरुत्थान लाना है, और निजी मुक्ति का विचार उन लोगों के लिए अशोभनीय है जो अपने आप को उनके परम शिष्य मानते हैँ, जिसे वे अवतार मानते है अर्थात रामाकृष्ण परमहँस। जिला महासचिव युवा काँग्रेस एवँ प्रभारी विधान सभा जनाब, डाक्टर नसीम इदरीशी ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द जी युवाओँ के प्रेरणाश्रोत एवं आदर्श  थे, उन्होने इस अवसर पर विस्तारित युवा काँग्रेस सँगठन को अनुमोदित  किया। उक्त दौरान वृक्षारोपण करके पर्यावरण बचाने का सँकल्प लिया गया।

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