सत्ता पक्ष के दखलअंदाजी से अभी भी न्याय मिलने से भटक रहे बुजुर्ग ने पुनः लगाई न्याय की गुहार

सत्ता पक्ष के दखलअंदाजी से अभी भी न्याय मिलने से भटक रहे बुजुर्ग ने पुनः लगाई न्याय की गुहार

नीलम ब्यूरो ,दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र रायबरेली

रायबरेली ।। बुधवार की दोपहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आधा सैकड़ा ग्रामीणों को धरने पर बैठे देख लोगो ने दांतो तले उंगलियां दबा ली और मामला जानने के लिए आतुर हो गए।जब धरने पर बैठे लोगों से इसका कारण पूछा गया तो लोग आश्चर्य में पड़ गए।क्योंकि जिस खाकी को न्याय के लिए कुर्सी पर बैठाया गया है ये ग्रामीण उसी से तंग थे और कई सालों से न्याय की चौखट पर ऐंडिया रगड़ रहें है और आज आखिरकार एसपी कार्यालय परिसर में साहब से मिलने की जिद के कारण धरना करने के लिए मजबूर हो गए।आखिरकार खाकी को इनके सामने झुकना पड़ा और इन्हें न्याय का भरोसा देना पड़ा तब जाकर ये लोग वंहा से उठे।इस बीच वंहा अफ़रा तफरी का माहौल लगातार बना रहा।

जिले का पुलिस अधीक्षक कार्यालय आज उस समय चर्चा का केंद्र बन गया जब कार्यालय मे  हरचंदपुर विकास खंड के पूरे बेसन पिण्डरी सरगसी गांव से न्याय मांगने आये आधा सैकड़ा लोग परिसर में ही धरने पर बैठ गए।जिससे कार्यालय परिसर में मौजूद खाकी के कारिंदों के हाथ पांव फूल गए।उन्होंने मामले की सूचना तत्काल बड़े साहब को दी।मामले को तूल पकड़ते देख साहब ने भी मौके पर सीओ को भेजा तब जाकर मामला खुला।मामला सालों से चल रहा है। ग्राम प्रधान संतोष सिंह के मजदूर द्वारा गांव के ही बुजुर्ग बद्री विशाल सिंह पर हरिजन एक्ट के मुकदमा दर्ज कराया गया।क्योंकि प्रधानी के चुनावों में वर्तमान प्रधान व बद्री सिंह का परिवार आमने सामने रहता है।यह मुकदमा जिले से एमएलसी दिनेश सिंह के बड़े भाई की शह पर दर्ज हुआ और उस समय महराजगंज सीओ ने एमएलसी के दबाव में पीड़ित को न्याय न देते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी।जबकि बद्री विशाल सिंह सत्तर वर्षीय बुजुर्ग है।न्याय के लिए उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों की चौखट पर गुहार लगाई लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नही, क्योंकि उनका विरोधी सत्ताधारी दल का नामचीन था।आज फिर जब इन लोगो ने साहब से मिलने की कोशिश की तो इन्हें मिलने नही दिया गया और थक हार कर ये लोग धरने पर बैठ गए और कहा जब तक साहब से मिल नही लेते ये यंहा से उठेंगे नही।

वही मामले को तूल पकड़ते देख वंहा मीडिया के कैमरे देख एएसपी नित्यानन्द राय ने पीड़ित को मिलने के लिए बुलाया और उसकी समस्या का निराकरण कर उचित कार्यवाही का भरोसा दिला कर धरने को खत्म कराया।इसके बाद ही खाकी की सांस में सांस आई।

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