नीलम ब्यूरो ,अक्षयमेल समाचार पत्र
ऊचाँहार / रायबरेली ।। क्रोना महामारी से प्रधानमंत्री जी द्वारा अचानक 21 दिन का लाक डाउन करने से देश में अफरा तफरी का माहौल बन गया । जो बड़े - बड़े महानगरों में रोज कमाने रोज खाने वाले देहाडी मजदूरों ने भूखों मरने के भय से परिवार को लेकर पैदल ही गांव का रुख किया। कोरोना के भय से सरकार ने परदेसियों को घर ना जाने की इजाजत देकर 14 दिन के लिए क्वारंटीन किये गए । समाज सेविका "अंजली मौर्य" ने बताया कि लोगों के लिए पंचशील परिवार की तरफ से "पंचशील किचन" की शुरूआत आज से की जा रही है। पंचशील किचन की शुरुआत "पंचशील महाविद्यालय " इटौरा बुजुर्ग को प्रशासन द्वारा क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। पंचशील किचन मेरे द्वारा संचालित तब तक रहेगी जब तक लाॅक डाउन स्थिति में क्वारंटीन में परदेसी रहेंगे । इस वक्त पंचशील महाविद्यालय में विकास खंड रोहनियां के 250 व्यक्तियों को रखा गया है । जिनके भोजन की व्यवस्था आज पंचशील परिवार की ओर से कराया गया। साथ ही साथ मैंने क्वारंटीन किये गए लोगों से निवेदन किया कि एक दूसरे से उचित दूरी बना के रखे। सरकार द्वारा दिया गया निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुए सरकार का सहयोग करें। कुछ दिनों की बात है इस विपदा से भी जंग जीत ली जाएगी। ने भोजन वितरण में सहयोग किया। इस संकट की घड़ी में सजग रहें, सुरक्षित रहें। इस विपदा से उभरने के लिए अपना व अपनों का ख़याल रखें।
मौके पर पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहें। साथ ही महाविद्यालय के प्रबंधक - बी एन मौर्य ( मेरे पिताजी), इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्रीकांत पांडेय, गुलशन मौर्य, हरिलाल पटेल, अंकित मौर्य आदि लोगों ने भोजन वितरण में सहयोग किया।

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