ग़ाम सभा चिलूली निवासी भौरव प़साद पाण्डेय ने बताया केला की खेती काफी दिनो से करते आ रहे है इस बार फसल तैयार खडी है कोई पूछने वाला नही है इसके पहले जायस,रायबरेली, जगदीशपुर,जाफरगज,तिलोई की मण्डियो मे केले थोक रेट पर अडातियो के हाथ बेच लेते थे फसल को अब नील गाय नुकसान पहुंचा रही है ऐसे मे पाच रुपया से लेकर सात रुपये किलो मे बेचना पड रहा है इसके पहले यही फसल अट्ठारह रुपये से बीस रुपये किलो बेची गयी थी इस बार लागत निकलना मुश्किल पड रहा है
तिलोई अमेठी से शिव बरन यादव की रिपोर्ट


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