एसडीएम के आदेश पर भी लेखपाल का ठेंगा




लालगंज / रायबरेलीतहसील क्षेत्र के गांव छमनीखेड़ा मजरे मुर्दीपुर मझिगवां के एक भूमाफिया ने हलका लेखपाल की साँठ गांठ से राजस्व भूमि पर दर्ज तालाब पर अवैध शौचालय बनाकर कब्जा कर रहा है। शौचालय निर्माण के दौरान ग्रामीणों ने एसडीएम को इस बाबत प्रार्थना पत्र भी दिया। एसडीएम के आदेश पर तलब अवैध कब्जाधारी ने निर्माण को तालाबी भूमि पर मानते हुए निर्माण को हटाने की बात भी स्वीकार की। बाद में कब्जा धारी से साँठ गांठ कर लेखपाल ने मामले को लिंगरऑन करने के लिए तहसीलदार की कोर्ट में मुकदमा चला दिया। 
छमनीखेड़ा गांव के इकलौते तालाब गाटा संख्या 46 व 4 जिसका क्षेत्रफल साढ़े तीन बीघे से अधिक है। जिस पर गांव के ही सरहंग व्यक्ति चन्द्रिका प्रसाद ने पूर्वी छोर से पाटकर खेत बनाते हुए और पश्चिमी छोर पर अवैध भवन लैट्रिन चरही आदि का निर्माणकर तालाब पर कब्जा कर रहा है। जिससे गांव के इकलौते तालाब का अस्तित्व खतम होता जा रहा है। क्षेत्र भूगर्भ जल स्तर की दृष्टि से डार्क एरिया की श्रेणी में आता है। तालाब जल संरक्षण कर भू जल स्तर को बढ़ाने में मददगार है। सरकार व माननीय अदालत तालाबों व पोखरों को सार्वजनिक संपत्ति मानते हुए किसी भी स्तिथि में इन पर अतिक्रमण को अपराध माना है। तालाब के अस्तित्व बचाने के लिए ग्रामीणों ने तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर कार्यवाई करते हुए एसडीएम ने कब्जाधारी को स्वामित्व सम्बंधी रिकॉर्ड के साथ तलब होने को कहा। कब्जाधारी के पास भूमि स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड न होने के चलते अवैध निर्माण हटा लेने की बात स्वीकारी गयी। लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद जब कब्जा नहीं हटा तो लोगों ने लेखपाल से इस बाबत जानकारी ली। हलका लेखपाल अनूप कुमार ने बताया कि अवैध कब्जाधारी पर तहसीलदार की कोर्ट में कार्यवाई कर दी गयी है।
मामले में लेखपाल द्वारा की जा रही हीलाहवाली से ग्रामीण आक्रोशित हैं। लोगों का मानना है कि एसडीएम के कार्यवाई के आदेश के बावजूद मामले को लंबा खींचने के लिए लेखपाल ने कब्जाधारी पर 115सी की कार्यवाई की है।

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