हिंदी दैनिक अक्षय मेल समाचार
विजय कुमार यादव
अयोध्या
सरकार एक तरफ जहां गरीब असहाय बीमार लोगों की 108 एंबुलेंस की सहायता से समय से समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए प्रयासरत है वही जिले में एंबुलेंस कर्मचारियों की लापरवाही के चलते गरीब मरीज सरकारी एंबुलेंस से अस्पताल तक पहुंचने में असमर्थ नजर आ रहे हैं।इतना ही नहीं जिम्मेदार अधिकारी मामले से अपना पल्ला झाण कर बचते नजर आ रहे हैं
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीकापुर विकास खंड क्षेत्र के सोनबर्षा निवासी नन्गू गुप्ता पुत्र संतराम की लगभग 2 वर्षीय बेटी प्राची शनिवार रात 11:00 बजे के आसपास अचानक गंभीर रूप से बीमार हो गई जिसे तत्काल इलाज को ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलवाने के लिए पीड़ित बालिका के पिता ने एंबुलेंस की सहायता के लिए स्वास्थ्य बिभाग द्वारा संचालित 108 पर पड़ोसी से फोन करवाया। करीब आधे घंटे कन्ट्रोल रूम लखनऊ के कर्मचारियो ने फोन होल्ड कर बीकापुर हैरिंग्टनगंज आदि स्थानों पर मौजूद एंबुलेंसो से सम्पर्क किया किन्तु अंत में असफलता ही हाथ लगी। यहां तक कि एंबुलेंस में तेल ना होने की भी बात कही गई। एंबुलेंस न मिलता देख पड़ोसी मोनु जायसवाल ने आनन-फानन में अपनी मोटरसाइकिल से पीड़ित प्राची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीकापुर पहुंचाया जहां डाक्टरों ने हालत गंभीर देख जिला चिकित्सालय अयोध्या के लिए रिफर कर दिया। बाइक से ही पड़ोसी ने जिला अस्पताल पहुंचा कर भर्ती कराया जहां पर इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है। पीड़ित द्वारा किये गये फोन काल एवं कन्ट्रोल रूम व एंबुलेंस के कर्मचारियों के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग "अक्षय मेल संवाददाता"के पास मौजूद है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्साधिकारी अयोध्या हरिओम श्रीवास्तव का कहना है कि ऐसा संभव नहीं है कि एंबुलेंस उपलब्ध ना हो।
ऐसे में गरीब व्यक्ति की जान कैसे बचें जब जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी अपने दायित्व से मुंह मोड़ते नजर आ रहे हैं।

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