अयोध्या : बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी पर दर्ज होगा देशद्रोह का मुकदमा




अयोध्या : बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी पर दर्ज होगा देशद्रोह का मुकदमा

अक्षय मेल समाचार।

बाराबंकी   ।    रामधीरज   यादव

राम जन्मभूमि/बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी समेत पांच के खिलाफ कोर्ट ने मंगलवार को देशद्रोह समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया है। यह आदेश अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की अर्जी को स्वीकार करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह की अदालत से हुआ। मामले में थानाध्यक्ष, रामजन्मभूमि को अनुपालन आख्या तीन दिन के अंदर अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। 
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता संगीता सिंह व हाईकोर्ट लखनऊ बेंच के अधिवक्ता राजेश त्रिपाठी ने बताया कि प्रतापगढ़ जिले के अंतू थाना क्षेत्र के रायचंदपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह ने आरोप लगाया कि तीन सितंबर को वह लखनऊ से अपने ममेरे भाई प्रभु दयाल सिंह के साथ अयोध्या में श्रीरामजन्मभूमि के दर्शन करने आई थीं। जहां राम मंदिर निर्माण के संबंध में कुछ लोगों से चर्चा हुई। इस दौरान कुछ लोग मुझे इकबाल अंसारी के घर ले गए। 
वहां दिन में करीब एक बजे वह मिले। उनके यहां तीन महिलाएं, एक लड़का व उनके सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे। इकबाल अंसारी से वर्तिका ने कहा कि चाचा हम मंदिर-मस्जिद के लिए आपस में क्यों लड़ते हैं यह तो ऊपर वाले को याद करने के लिए होता है। तब उन्होंने कहा कि देश के पीएम नरेंद्र मोदी व यूपी के सीएम सत्ता में बने रहने के लिए राजनीति कर रहे हैं। 
लोगों को गुमराह कर रहे हैं। इनके अंदर इतना दम नहीं है कि यहां पर यह राम मंदिर बनवा सकें। क्योंकि यह लोग मुसलमानों से बहुत डरते हैं। देश के कानून को अपशब्द कहते हुए इकबाल ने कहा कि राम मंदिर पर कोई अदालत फैसला नहीं सुना सकती। अगर कानून ने राम मंदिर का फैसला सुना दिया तो पाकिस्तान के लोगों को बुलवाकर देश के एक एक लोगों पर गोली चलवा दूंगा और अयोध्या को दूसरा पाकिस्तान बना दूंगा। 
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को अपशब्द कहे। वर्तिका ने उन्हें देश का अच्छा नागरिक होने का हवाला देते हुए सही बर्ताव करने को कहा तो वह गुस्से में आकर खड़े हो गए और कहा कि तुम्हें भी शूटरों से मरवा सकता हूं। भगवान राम को अपमानित करने वाले कई शब्द कहे, इसके बाद घर की महिलाएं और वहां मौजूद लड़के ने वर्तिका से अभद्रता करने की कोशिश की। 
इसकी रिपोर्ट दर्ज करने के लिए वर्तिका सिंह ने बीते 6 सितंबर को एसएसपी अयोध्या, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश शासन व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जरिए स्पीड पोस्ट और मुख्यमंत्री के पोर्टल पर भी की लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। तब अपने अधिवक्ता के माध्यम से न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामले में संगीन अपराध का होना पाते हुए एफआईआर दर्ज करके विवेचना करने का आदेश दिया है।

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