सैकड़ों किसानों ने अपनी मागों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया*

*सैकड़ों किसानों ने अपनी मागों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया*


अक्षय मेल समाचार

  शिव प्रसाद मौर्य-


सुल्तानपुर जनपद के तिकोनियापार्क मे जहां सैकड़ों किसानों आज अपनी मांगों को लेकर एकत्रित हुए है जो कि वह भारतीय किसान मजदूर दलित संगठन राजनैतिक भारत के बैनर तले जनपद के किसान आज तिकोनिया पार्क में धरना देकर सरकार के हुक्मरानो के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध जताया।वही राष्ट्रीय संयोजक व सरंक्षक कैप्टन ज्ञान सिंह यादव ने कहा कि हम किसानों की लड़ाई लड़ने के लिए आये है हम किसानों की लड़ाई लड़ते है। अभी तक जितने भी सरकारें आई वह किसानों के हित के लिए कोई ठोस कदम नही उठाये। न तो किसान का कोई पैसा मिलता है न पैदावार है न तो कोई बाजार है न तो कोई शिक्षा का प्रबंध है देश के अंदर यदि कोई शिक्षा हो तो सामान्य शिक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक अमीरजादा का बेटा देश विदेश अंग्रेजी हाई-फाई कालेज में शिक्षा ग्रहण करें और वही एक गरीब किसान का बेटा प्राइमरी पाठशाला के अंदर जो बेसिक स्कूल होते है जिसको टाटपट्टी भी नसीब नही होती है। और लोगो की बहुत सी समस्याएं है किसान का जो ऋण माफ करती है वह उनको आलसी बनाती है। जिसके बाद वह अपनी मनमानी करते है।वही जिलाध्यक्ष प्यारेलाल वर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन से लेकर न्यायालय तक अब सब भ्रष्ट हो चुकी है। जहां पहले न्याय मिलता था,लेकिन अब एक मुकदमा दर्ज कर दीजिए तो पीढ़ी दर पीढ़ी लड़ते रहिए। अब इस प्रकार शासन व प्रशासन आतंकवादी बनाने की व्यवस्था दे रहा है। अब कुछ नही रास्ता बचा है या तो चम्बल चला जाय या तो फिर किसान लूट-पाट का रास्ता ही बचा है और कोई रास्ता नही दिख रहा है।वही किसान नेता राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवानदीन पांडेय उर्फ नन्हे पांडेय ने कहा कि आज तक जितने भी ज्ञापन जिलाध्यक्ष रामप्यारे द्वारा दिया गया है एक का भी निस्तारण नही किया गया है। वही उन्होंने एसपी अनुराग वत्स सुल्तानपुर पर आरोप लगाते हुई कहा कि जिले के सभी थानों को देख लते है जिसमे फर्जी मुकदमे लादे जा रहे है। जिससे मेरा किसान आहत होता चला जा रहा है। जब हमारे यहां का किसान आहत होगा तो हमारे यहां रहने से क्या फायदा। यह यहाँ के डीएम और एसपी न समझे कि यहां का किसान मुर्दा है यहां का किसान जागृत है यह आजादी के पहले जनपद सुल्तानपुर को आजाद करा लिया था। अगर यहाँ की व्यवस्था ठीक न निकली तो मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष तब रहूंगा जब सुल्तानपुर की व्यवस्था दुरुस्त कर लूंगा।

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