अक्षय मेल,अमेठी। तिलोई उपनिबंधक कार्यालय से नदारद रहे। किसान भूमि का बिक्री करवाने आएं। बैरंग लौटने को मजबूर हुएं शिकायत करने पर भी प्रशासन इनके कारनामें पर अकुंश लगाने को तैयार नही।
तिलोई तहसील के उपनिबंधक कार्यालय में 3 सालों से उपनिबंधक वीरेन्द्र बहादुर स्वर्णकार तैनात है। जो कार्यालय आने-जाने में मनमानी करते है। शनिवार के दिन न तो अधिकारी महाशय आएं न ही जबाब देह अधिकारी कर्मचारी कुछ भी बताने को तैयार नही यहा पर जमीन की खरीद-फरोख्त में खेल होता हैं और बिचौलियां कार्यालय परिसर के आस-पास खेल करते है।
आबादी की भूमि कृषि योग्य भूमि में बैनामा किया जाता है। मुख्यमार्ग के किनारें और आबादी के किनारें की जमीन को स्थल में हेरा-फेरी कर राजस्व को चूना कार्यालय में लगाया जा रहा है। बिना सत्यापन के धडलें से बैनामा होता है। दस्ताबेज लेखक और स्टाप्म विक्रेता अच्छी खासी रकम भूमि के बिक्री में वसूली करते हे। जिसमें कार्यालय भी शामिल है।
उपनिबंधक से बात हुई तो उन्होनें कहॉ कि विभागीय काम से बाहर हू। जल्द आ जाउगा मेरे कार्यालय में कोई गडबडी नही है। आरोप निराधार है प्रशासन जब चाहे जांच करा लें।
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