सेनेटरी नैपकिन बनाने का सुरक्षित तरीका --अरिमा सिंह

सेनेटरी नैपकिन बनाने का सुरक्षित तरीका --अरिमा सिंह

शाहगढ़-अमेठी

राजीव गांधी महिला विकास परियोजना की सेनीटेशन टीम ने संक्रमित सेनेटरी नैपकिन को समुचित निष्पादन के लिए जिले के 70 गांव में सस्ता नया उपकरण का आविष्कार किया है।
परियोजना की कार्यक्रम अधिकारी अरिमा सिंह का कहना है कि गांव में गरीबी को देखते हुए नैपकिन निपटान के लिए मटके का इस्तेमाल करें। मटके में 4-6  छेद करके पैड को उस में डालते रहें व मासिक समाप्त होने के बाद उसे जला दे , जिससे स्वच्छता पर एक विशेष पहल की  जा सकती है। परियोजना के    प्रशिक्षण समन्वयक डा मनीष ने अपनी टीम के साथ मिलकर 70 गांव की योजना की तैयार की। जिसके अंतर्गत अभी तक लगभग 800 से ज्यादा महिलाओं एवं किशोरियों ने  मटका का इस्तेमाल किया है, एक स्वच्छता के लिए नई पहल की है   किशोरियों और अपने जैसे दूसरी किशोरियों को इसके लिए प्रेरित कर रही हैं  ये तरीका स्वच्छ व सुरक्षित है। इससे पर्यावरण,वातावरण भी सुरक्षित रहता है। सेनिटेशन टीम अब इसको सभी स्कूलों में कार्यान्वित करने के लिए योजना बना रही है जो शीघ्र ही प्रकाशित की जाएगी। टीम ने महिलाओं का किशोरियों को साफ पैड इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया। जिसके अन्तर्गत गांव में  महिला सभा, रैली, वीडियो शो, रात्रि बैठक व नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया है। इसके लिए टीम के सुमन,शकुन्तला, अविनाश व मनोज कुमार यादव  (कार्यक्रम सहायक) का योगदान रहा। स्वच्छ भारत मिशन के सहवाज व जिला पंचायत राज्य अधिकारी अमेठी ने भी इस टीम को अधिक से अधिक बालिकाओं व महिलाओं तक पहुँचाने के लिए प्रेरित कर बधाई  दिया।

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