पुलिस उड़ा रही है मानवाधिकार की धज्जियां पीड़ित ने यस आई सुभाष चंद्र प्रजापति पर लगाया उत्पीड़न का आरोप। पुलिस अधीक्षक ने सौंपी क्षेत्राधिकारी सूक्ष्म प्रकाश को जांच। न्याय ना मिला तो मानवाधिकार आयोग और मुख्यमंत्री से करूंगा न्याय की फरियाद - बरसाती( पीड़ित)।

पुलिस उड़ा रही है मानवाधिकार की धज्जियां,पीड़ित ने एस0आई0 सुभाष चंद्र प्रजापति पर लगाया उत्पीड़न का आरोप ।
पुलिस अधीक्षक ने सौपी क्षेत्राधिकारी सुक्ष्म प्रकाश को जांच।

न्याय न मिला तो मानवाधिकार आयोग और मुख्यमंत्री से करूँ गा न्याय की फरियाद:- बरसाती(पीड़ित)।

अक्षय मेल समाचार।

अमेठी,उत्तर प्रदेश(ब्यूरो):-
अमेठी जिले के थाना मुसाफिरखाना पुलिस द्वारा निर्दोष लोगों को गिरफ्तार कर थाने में बंद किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। आज सम्पूर्ण समाधान दिवस में मुसाफिरखाना थाना क्षेत्र के ग्राम चक बहेर निवासी बरसाती पुत्र राम  अहोर ने जिला अधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर शिकायत पत्र दिया  जिसमे थाने के एक दरोगा पर पुलिस उत्पीड़न का आरोप लगाया । शिकायती पत्र में पीड़ित ने लिखा है कि पीड़ित और उनके चचेरे भाई पप्पू उर्फ विजय बहादुर पुत्र शिवबहादुर के साथ दरोगा सुभाष चंद्र प्रजापति ने गालीगलौज किया तथा जूते पहने पैर से ठोकर मारने का प्रयास किया। पीड़ित की माने तो सोमवार की  सुबह लगभग 10 बजकर 50 मिनट पर  मुसाफिरखाना में तैनात उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र प्रजापति बरसाती और पप्पू के घर गए और वहां से बिना किसी को कोई कारण बताए पप्पू को अपनी पुलिस गाड़ी में लादकर, लाकर थाना मुसाफिरखाना में बंद कर दिया और उसके बाद दरोगा ने अपने निजी मोबाइल 9451855388 से बरसाती के मोबाइल 98378193298 पर फोन करके थाना मुसाफिरखाना बुलाया । जब पीडत थाना मुसाफिरखाना पहुंचे तो उन्होंने बुलाए जाने का कारण पूछा तो इस पर उप निरीक्षक सुभाष चंद्र प्रजापति ने बरसाती को मां बहन की भद्दी भद्दी गालियां दी और जूते की ठोकर से मारने का प्रयास किया। लेकिन बरसाती के पूछे जाने के बाद भी उपनिरीक्षक सुभाष चंद्र प्रजापति ने कोई कारण बरसाती को नहीं बताया और उन्हें थाने में बैठा लिया उसके बाद बरसाती यादव का ना तो मेडिकल परीक्षण कराया गया और ना ही उनकी गिरफ्तारी की सूचना उनके किसी मित्र या रिश्तेदार या घर वालों को ही दी गई । बरसाती बार-बार कारण पूछते रहे लेकिन गुरुर में चूर  उपनिरीक्षक कारण बताने को तैयार नहीं हुआ इस सारे घटना क्रम के बाद किसी तरह से थाने से छूटे बरसाती ने पुलिस अधीक्षक को समय लगभग 6:00 बजे मोबाइल फोन पर सूचना दी और पुलिस अधीक्षक अमेठी की तरफ से कहा गया कि आप थानाध्यक्ष मुसाफिरखाना से बात करें। कोई कार्यवाही न होते देख पीड़ित ने आज समाधान दिवस में न्याय की गुहार जिला अधिकारी से लगाई । पीड़ित का दुर्भाग्य कहे या जिला अधिकारी की लापरवाही व लचर व्यवस्था पीड़ित की समस्या खुद  सुनकर निस्तारण करने के बजाय उन्होंने पुलिस अधीक्षक की तरफ इशारा कर दिया जब कि पीड़ित की मंशा रही होगी कि डी0एम0 साहब आ रहे है मुझे न्याय मिल जाएगा लेकिन उसकी मंशा पर पानी फिर गया। पुलिस की प्रताड़ना की जांच करके पुलिस के खिलाफ क्या कार्यवाही होगी यह तो वक्त वतायेगा। फिलहाल हो कुछ भी पीड़ित मानवाधिकार आयोग और मुख्यमंत्री का दरवाजा पर न्याय की गुहार लगाने जा मन बना रहा है।

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