मुसाफिरखाना, अमेठी। अधिवक्ता परिषद अवध प्रांत की जिला अमेठी इकाई द्वारा संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती समरसता दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना, अमेठी के तत्वावधान में किया गया।
बुधवार को बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित समारोह का शुभारंभ बाबा साहब के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, संविधान निर्माण में उनके योगदान और सामाजिक समरसता के संदेश पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता राम प्रसाद सरोज मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ आमंत्रित सदस्य बी.पी. मिश्र, अधिवक्ता राकेश सिंह, राजीव कुमार तिवारी, अवधेश सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजेश कुमार सिंह और अधिवक्ता परिषद अमेठी के जिला अध्यक्ष अधिवक्ता राजेश कुमार सिंह ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहब ने जीवन भर वंचितों, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उनका दिया संविधान आज भी देश की एकता-अखंडता और लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। अधिवक्ता परिषद का उद्देश्य ‘समरसता’ के भाव को जन-जन तक पहुंचाना है, ताकि समाज में भेदभाव खत्म हो और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा हो सके।
जिला अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने कहा कि अधिवक्ता समाज का मार्गदर्शक होता है। बाबा साहब के विचारों को अपनाकर ही हम सही मायने में न्याय व्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से संविधान पढ़ने और उसके अनुरूप आचरण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन मुसाफिरखाना के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता साथी उपस्थित रहे। अंत में सभी ने सामाजिक समरसता और संवैधानिक कर्तव्यों के पालन का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन परिषद के पदाधिकारियों द्वारा किया गया।
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