डिजिटलाइजेशन के नाम पर शिक्षकों का शोषण स्वीकार्य नही-धीरेन्द्र प्रताप सिंह-प्रदेश उपाध्यक्ष
राज्य ब्यूरो अक्षय मेल समाचार।
लखनऊ। प्रदेश के सभी विद्यालयों में शिक्षक/शिक्षिकाओं से पंजिकाओं का डिजिटलाइजेशन व डिजिटल (डिजिटल फेस छायांकन) उपस्थिति 15 जुलाई से कराये जाने सम्बन्धी आदेश महानिदेशक द्वारा पूर्व दिया गया था। जबकि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा विगत वर्षों से शिक्षकों की मूलभूत समस्याओं को लेकर शासन व विभागीय अधिकारियों से समाधान व निस्तारण हेतु अनुरोध किया जा रहा है परन्तु अद्यतन समस्याओं का निस्तारण नही किया गया है। महानिदेशक द्वारा पुनः: 8 जुलाई से शिक्षकों को आनलाइन उपस्थिति देने का आदेश दिया गया,जिसका उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के सम्मानित अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय ने माननीय मुख्यमंत्री एवं समस्त अधिकारियों को पत्र प्रेषित कर आनलाइन उपस्थिति का सामूहिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया। प्रदेश अध्यक्ष ने यह निर्देश सभी पदाधिकारियों व शिक्षकों को दिया है।इस क्रम में प्रदेश के सभी शिक्षकों ने विद्यालय में उपस्थित होकर, विरोध स्वरूप हाथ में काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य किया, कम्पोजिट विद्यालय भेलाई कला, तिलोई-अमेठी में धीरेन्द्र प्रताप सिंह -जिलाध्यक्ष सहित समस्त शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया। प्रदेश उपाध्यक्ष ने बताया 11जुलाई को प्रदेश भर के जिला मुख्यालयों पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ माननीय मुख्यमंत्री जी को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को प्रेषित करेगा। जनपद -अमेठी में भी धीरेन्द्र प्रताप सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ -अमेठी के नेतृत्व में समस्त पदाधिकारी व शिक्षक जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन प्रेषित करेगा। प्रदेश उपाध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया आन लाइन उपस्थिति का बहिष्कार कार्यक्रम सफल रहा, प्रदेश के छः लाख शिक्षकों में से मात्र 9 शिक्षकों ने आन लाइन उपस्थिति अंकित किया।यह बहिष्कार 14 जुलाई तक चलेगा, इसके बाद प्रान्तीय नेतृत्व के निर्देशानुसार शिक्षक आन्दोलन, धरना प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। रमाकांत मौर्य जी-महामंत्री, जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ-अमेठी ने बताया कि जूनियर हाई स्कूल के सभी शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर पूर्ण विरोध किया। श्रीराम सोनी जी-महामंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ-अमेठी ने सभी शिक्षकों का आवाहन करते हुए कहा कि 11 जुलाई को कलेक्ट्रेट में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर ज्ञापन कार्यक्रम को सफल बनायें।
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