बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि एक्विटल रिपोर्ट समय से प्रेषित की जाये। उन्होंने कहां की शासन के मंशानुरूप महिलाओं व बच्चों के विरुद्ध अपराधों से संबंधित वादो में शीघ्रता लाते हुए, गवाहों को बुलाकर न्यायालय में वादों को तय करा कर अभियुक्तों को अधिक सजा दिलाई जाए।
उन्होंने स्पीडी ट्रायल से सम्बंधित मामलों को वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। महिला अपराधों एवं जनपद के चिंहित माफियाओं के प्रकरणों में पैरवी कर कठोर से कठोर सजा कराए जाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने अभियोजकों को निर्देश दिए कि कार्यों में प्रगति लाए इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम अक्षयबर चौहान, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शैलेंद्र सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
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