जीवन में संतोष से बड़ा कोई सुख नहीं है:-स्वामी अलोकानंद जी महाराज ।

जीवन में संतोष से बड़ा कोई सुख नहीं है:-स्वामी अलोकानंद जी महाराज ।





मुसाफिरखाना अमेठी । मुसाफिरखाना क्षेत्र के दादरा गांव के सिद्धपीठ देवी हिंगलाज धाम पर 33 वें यज्ञ महोत्सव कार्यक्रम में चल रही  संगीतमयी  प्रवचन के अंतिम दिवस  में श्रोताओं को व्यास पीठ से कथा श्रवण करा रहे स्वामी अलोकानंद जी महाराज ने कहा कि जीवन में संतोष से बड़ा कोई सुख नहीं है। व्यक्ति को संतोष रखना चाहिए आगे स्वामी जी ने उर्मिला  की कथा  सुनाते हुए कहा कि रामायण में यदि सबसे ज्यादा त्याग उर्मिला ने किया है वह 14 वर्षों तक अयोध्या में रह कर भी लक्ष्मण के लिए प्रार्थना करती रहती थी और14 वर्षों तक अखण्ड ज्योति जलाकर लक्ष्मण का इंतजार करती रही आगे स्वामी आलोकानंद जी ने लक्ष्मण को रामायण में सबसे बड़ा योद्धा बताया क्यों कि लक्ष्मण 14 वर्षों तक नींद और नारि का त्याग किया ऐसे अपने दोष कभी नहीं दिखाई देते बस व्यक्ति दूसरों के दोष ही देखने में ही लगा रहता है। इससे वह हमेशा दुखी रहता है और सुख की अनुभूति से दूर हो जाता है। आगे स्वामी अलोकानंद महाराज ने भागवत कथा का भी जिक्र किया कि एक बार सनकादिक ऋषि और सूद जी महाराज विराजमान थे तो उन्होंने ये प्रश्न किया की कलयुग के लोगों का कल्याण कैसे होगा ? आप देखिये किसी भी पुराण में किसी और युग के लोगो की चिंता नहीं की पर कलयुग के लोगों के कल्याण की चिंता हर पुराण और वेद में की गई कारण क्या है ? क्योकि कलयुग का प्राणी अपने कल्याण के मार्ग को भूलकर केवल अपने मन की करता है फतेहपुर निवासी कल्पना श्रीवास्तव पत्नी शक्ति श्रीवास्तव ने सपरिवार देवी हिगलाज धाम पहुंच कर माता रानी को चांदी की एक चरण पादुका भेंट किया। इस मौके पर  डाक्टर आर. एन मिश्रा कुलवंत सिंह जोखू सिंह कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष राजू ओझा पवन तिवारी एडवोकेट अवनीश तिवारी कृपाशंकर सिंह, अंजनी श्रीवास्तव राजमणि सिंह सर्वेश सिंह प्रशांत अंजनी शुक्ला विजय सिंह मिंटू, जनार्दन तिवारी रवींद्र तिवारी विपुल सिंह पवन सिंह जितेंद्र सिंह सुनील श्रीवास्तव एडवोकेट निशांत लकी अमन हर्ष यादव  अनिल तिवारी राजेन्द्र शर्मा सहित भारी संख्या लोग उपस्थित रहे।


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