हरियाली पर संकट के बादल वन माफ़ियाओ के चंगुल में प्रशासन। इन्हौना बीट मे बेधड़क की जा रही हरे पेड़ों की कटान। अंधेरिया गांव मे रातोंरात कट गई नीम की बाग।

हरियाली पर संकट के बादल, बन माफियाओं के चंगुल में प्रशासन।

इन्हौना बीट मे बेधड़क की जा रही हरे पेड़ों की कटान।
अंधेरिया गांव मे रातोंरात कट गई नीम की बाग।


इन्हौना अमेठी। रिपोर्टिंग पुलिस चौकी क्षेत्र मे हरियाली पर संकट खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में हरे पेड़ों की कटान बेधड़क की जा रही है। जिम्मेदार आंख मूंदे हैं। कटान के ठेकेदार स्थानीय पुलिस तथा वन विभाग को खुश कर बेखौफ पुराने हरे वृक्षों पर आरा चला रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार शिवरतनगंज थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी इन्हौना क्षेत्र में लगातार आम के हरे पेड़ों की कटान हो रही है। पुलिस की मिलीभगत से यह काम निर्बाध रूप से चल रहा है। विगत दिनो रातोंरात ग्राम पंचायत जिजोली के अंधेरिया गांव में जफफू की नीम की बाग का सफाया वन माफियाओ ने कर दिया इन्हौना पुलिस चौकी से मात्र तीन किलोमीटर की दूरी पर अंधेरिया गांव मे जफफू की बाग मे नीम के हरे के पेड़ों की कटाई हो गई, सूूत्र की माने तो ठेकेेेदार यह भी यह कहते हैं कि वह पुलिस को प्रति पेड़ तय धनराशि देते हैं। इस बाबत इन्हौना चोकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले मे उन्हे कोई जानकारी नही मिली। वही वन विभाग के इन्हौना बीट इनचार्ज रामेश्वर प्रसाद यादव ने बताया कि केवल दो पेड़ नीम के बिना परमिट काटे जाने की सूचना मिली लेकिन राजनैतिक दबाव के चलते कार्रवाई नही हो पाई।
सूत्र बताते है वन विभाग के कर्मचारी ने मामला रफा दफा कर दिया। और काटी गई लकड़ी ठेकेदार टैकटर और टाली मे लादकर उठा ले गया। अंधेरिया गांव समेत अन्य कई जगह प्रतिबंधित पेडो की कटान वन विभाग और पुलिस विभाग की मिलीभगत से करवाई गई है लेकिन सभी जिम्मेदार अपना अपना पल्ला झाड़ रहे है।
डीएफओ एम एन सिंह के सख्त निर्देश की धजजिया उडाई जा रही है।


इनसेट:--'

बीट इनचार्ज पर वन माफियाओ ने लगाया धन उगाही का आरोप।

इन्हौना बीट इनचार्ज रामेश्वर प्रसाद यादव पर एक नही तमाम वन् माफियाओ ने हरे पेड़ो की कटान बेधड़क करवाने तथा मोटी रकम लेकर मामलो पर पर्दा डालने का आरोप लगाया है कई वन माफियाओ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उक्त बीट इनचार्ज ने आम नीम जामुन महुआ के पेड बिना परमिट पैसा लेकर कटवाये जाने का आरोप लगाया है, वही वन विभाग के क्षेत्रीय वन अधिकारी जहीर मिर्जा का कहना है कि अवैध हरे पेड की कटान की शिकायत मिलने पर दोषी लोगो पर कार्रवाई तय है।
नीम ओषधि के रूप मे उपयोगी है लेकिन ओषधीय पेड की कटान चिन्ता जनक है नीम के पत्तों के फायदे नीम के पत्ते खाने से बढ़ता हुआ वजन घटाया जा सकता है, इसके लिए हर सुबह नीम की पत्तियों से जूस तैयार करें और पी जाएं, इससे पेट की चर्बी तेजी से पिघलने लगती है।
नीम की पत्तियां चबाने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है जिससे संक्रमण का खतरा कम होने लगता है. कोरोना काल से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की बात की जा रही है.।
नीम से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं, यही वजह है कि नीम के पत्तों से बना जूस को डिटॉक्स ड्रिंक्स भी कहा जाता है.।

नीम की पत्तियों में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जिससे डाइजेशन दुरुस्त रहता है और मेटाबॉलिज्म भी मजबूत हो जाता है.

।इस पत्ते में कई तरह के एंटी ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं जो कैलोरी बर्न करने का काम करते हैं.

। अगर आपके दांतों में कैविटी है तो इसकी पत्तियों को पीसकर पेस्ट तैयार कर लें और दांतों पर मलें, इससे मुंह के अंदर की परेशानियां दूर हो जाती हैं.।

. शरीर का कोई हिस्सा अगर आग से जल जाए तो नीम की पत्तों को मिक्सी में पीसकर एफेक्टेड एरियाज में लगाए. इसके एंटीसेप्टिक गुण जख्म को भरने में मदद करते हैं।

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