कारखाने मजदूर का अगर कोई पुत्र खेलों में रुचि रखता है और जिला स्तर से उच्च स्तर का खिलाड़ी है तो उनको भी आर्थिक सहायता दिए जाने की व्यवस्था श्रम कल्याण परिषद द्वारा की गई है जो अधिकतम रू. 10000 से लेकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर रु. 100000 तक दी जाती है।

वीरेन्द्र कुमार यादव अक्षय मेल समाचार जौनपुर
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला श्रम बंधु की बैठक संपन्न हुई। उक्त बैठक में सहायक श्रम आयुक्त द्वारा उत्तर प्रदेश श्रम कल्याण परिषद द्वारा संचालित 08 कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी उद्यमी संघ के प्रतिनिधियों को दी गई।
          सहायक श्रम आयुक्त द्वारा यह बताया गया कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के अपनी पुत्री की शादी के लिए रुपया 51000 की सहायता श्रम कल्याण परिषद द्वारा प्रदान की जाती है, यदि कारखाने में कार्य करने वाले किसी मजदूर की दुखद मृत्यु हो जाती है तो मृतक आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत रुपया एक लाख की सहायता प्रदान की जाती है तथा उसके आश्रितों को अंत्येष्टि सहायता के लिए 
 रुपया 10000 की सहायता प्रदान की जाने की व्यवस्था की गई है।
          इसी प्रकार कारखाने में कार्य करने वाले मजदूरों के पुत्र पुत्रियों शिक्षा में मेधावी होने की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है जो 60 प्रतिशत अंक पाने पर रुपया 5000 एवं 75 प्रतिशत से कम अंक पाने पर 75 प्रतिशत से अधिक अंक पाने पर रुपया 75000 है। कारखाने में काम करने वाले मजदूर के बच्चे यदि कोई तकनीकी शिक्षा प्राप्त करते हैं जैसे आईटीआई, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या बी टेक इंजीनियरिंग इत्यादि तो उनको भी एक मुश्त क्रमांश: सात हजार, 10,000 एवं  रू. 15000 की सहायता श्रम कल्याण परिषद से आवेदन करने के उपरांत प्रदान की जाती है।
        परास्नातक कक्षाओं में पढ़ने वाली कारखाने मजदूर की लड़की को पुस्तक खरीदने के लिए महादेवी वर्मा पुस्तक की आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत रुपया 7500 दिए जाने का प्रावधान है यदि कोई मजदूर अपने परिवार के साथ धार्मिक क्रिया, ऐतिहासिक स्थल की यात्रा करना चाहता है तो उनके लिए प्रति व्यक्ति रुपया 2000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। 6 सदस्य परिवार को कुल अधिकतम रू. 12000 की सहायता धार्मिक अथवा ऐतिहासिक पर्यटन सहायता के अंतर्गत प्राप्त हो सकती है।
       कारखाने मजदूर का अगर कोई पुत्र खेलों में रुचि रखता है और जिला स्तर से उच्च स्तर का खिलाड़ी है तो उनको भी आर्थिक सहायता दिए जाने की व्यवस्था श्रम कल्याण परिषद द्वारा की गई है जो अधिकतम रू. 10000 से लेकर के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चयनित होने पर रु. 100000 तक दी जाती है।
       उन्होंने अवगत कराया कि सहायता प्राप्त करने हेतु मजदूरों को श्रम कल्याण परिषद की वेबसाइट पर अपना पंजीयन कराना पड़ता है। इस कार्य में संबंधित उद्यमी, संगठन, कारखाने के मालिक अपने कार्यरत मजदूरों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित करें और आवेदन करने में उनकी सहायता करें। अध्यक्ष महोदय द्वारा भी सभी उद्योग संगठनों से यह अपील की गई कि अधिकतम अपने कारखाने में कार्यरत मजदूरों को श्रम कल्याण परिषद की योजनाओं से लाभान्वित कराएं ताकि उन्हें आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके और उनका जीवन स्तर भी हो सके और उस में गुणात्मक सुधार आ सके

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