प्रत्येक गांव में 2 सदस्यों की एक टीम प्रत्येक दिन 50 घर का भ्रमण करते हुए राज्य स्तर से निर्धारित चार फॉर्मेट को भरेगी। यह सर्वे 10 दिन का होगा। जनपद में कुल 1250 टीम कार्य करेंगे जो कोविड-19 का पालन करते हुए अपने साथ हैंड सैनिटाइजर के साथ स्वास्थ्य एवं ग्राम निगरानी समिति को उपलब्ध कराएगी तथा इन्फ्रारेड थर्मामीटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग सर्वेक्षण टीम के द्वारा किया जाएगा।

अक्षय मेल समाचार जौनपुर
मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मीडिया बंधुओं को अवगत कराया गया कि 07 सितंबर से 16 सितंबर तक जनपद जौनपुर में प्रत्येक गांव में 2 सदस्यों की एक टीम प्रत्येक दिन 50 घर का भ्रमण करते हुए राज्य स्तर से निर्धारित चार फॉर्मेट को भरेगी। यह सर्वे 10 दिन का होगा। जनपद में कुल 1250 टीम कार्य करेंगे जो कोविड-19 का पालन करते हुए अपने साथ हैंड सैनिटाइजर के साथ स्वास्थ्य एवं ग्राम निगरानी समिति को उपलब्ध कराएगी तथा इन्फ्रारेड थर्मामीटर एवं पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग सर्वेक्षण टीम के द्वारा किया जाएगा।
  उन्होंने अवगत कराया कि डेंगू के लिए अब तक 120 जांच किया गया जिसमें 6 व्यक्ति अब तक पॉजिटिव पाए गए है। जनपद में डेंगू के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जो सुबह 8.00 बजे से संचालित होकर रात्रि 8.00 बजे तक चलाया जाएगा। कंट्रोल रूम द्वारा ग्रामवार रिपोर्ट तैयार किया जाएगा। कंट्रोल रूम में 21 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जो अपने ब्लॉक से जानकारी लेते हुए रिपोर्ट तैयार करेंगे।
      उन्होंने यह भी अवगत कराएं है कि जनपद में अब तक 11 ऑक्सीजन प्लांट चालू है 4 और चालू हो रहे हैं जिससे ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी।
                उन्होंने कहा कि पल्स पोलियो अभियान की तरह प्रत्येक घर का सर्वे कराया जाएगा, सर्वे में पाए गए सभी लक्षणयुक्त व्यक्तियों की लक्षण के प्रकार को देखते हुए क्षय रोग, डेंगू, मलेरिया एवं कोविड-19 की जॉच तत्काल करायी जायेगी, सभी लक्षण युक्त व्यक्तियों को टीम के द्वारा मेडिसिन किट उपलब्ध कराई जाएगी। टीम भ्रमण के दौरान डोर टू डोर जाकर घर के सदस्य के बारे में एवं रोगों से ग्रसित एवं लक्षण युक्त व्यक्तियों के विवरण एवं ब्यौरा तैयार करेगी, जिसमें आम जनमानस की सहयोग की आवश्यकता भी होगी। उन्होंने कहा कि टीम द्वारा घर-घर जाकर ज्वर पीड़ित व्यक्तियों, कोविड-19, क्षय युक्त व्यक्तियों, लक्षण युक्त व्यक्तियों, नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों तथा गर्भवती महिलाएं एवं 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में कोविड की पहली खुराक न प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की विवरण फार्म पर भरेगी।
      उन्होंने अवगत कराया कि सभी सामुदायिक/प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक/प्रभारी को सर्वे संबंधित ट्रेनिंग दी जा चुकी है उन्हें 5 सितंबर 2021 को शाम 4.00 बजे तक अपने अपने क्षेत्र के नामित सभी नोडल के सदस्यों तथा प्रत्येक 5 टीम पर एक सुपरवाइजर एवं ब्लॉक स्तरीय नोडल अधिकारी नामित करने का आदेश दे दिया गया है। 06 सितंबर 2021 की सुबह 9.00 बजे तक प्रत्येक टीम की विवरण माइक्रोप्लान में दर्शाते हुए कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी जौनपुर के अधीन स्थापित आईडीएसपी अनुभाग में जमा किया जाएगा।
       उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान समय में मच्छर जनित बीमारियों यथा डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, ज्वर इत्यादि एवं जलजनित बीमारियों जैसे गैस्ट्रो, पीलिया, टाइफाइड, स्क्रब, टाइफस के संचरण का अनुकूल वातावरण का समय है। बीमारी के प्रसार से पूर्व आवश्यक है कि उससे संबंधित गतिविधियां संपन्न कराई जाएं। बीमारी को सीमित करने के लिए कुछ कार्य किया जाना अति आवश्यक है, जिसमें मच्छर के प्रजनन/बीमारी के प्रसार को रोकने के उपाय - जैसे घर में कूलर, बाल्टी, घड़े में पानी को सप्ताह में दो बार अवश्य बदलें, गड्ढों में जहां पानी भरा हो तो उसमें मिट्टी भर दें यदि मिट्टी डालना संभव न हो तो उस गड्ढे के पानी में कुछ मिट्टी का तेल या डीजल डाल दें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, शरीर पर नीम का तेल या सरसों का तेल का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन का कपड़ा का प्रयोग करें, बालक एवं बालिकाओं को स्कूल जाते समय पूरी आस्तीन का कपड़ा तथा मोजे-जूते पहनाए। घर के आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं साफ रखें। बुखार होने पर पेरासिटामोल की गोली खाएं, रोगी गंभीर होने की दशा में निकट के राजकीय चिकित्सालय, स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराएं।
  क्या न करें - जैसे घर में कूलर, गमले, टायर, खाली बर्तन, छत पर टंकी या बेकार टीन के खाली बोतलों में पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास पानी न इकट्ठा होने दें। जहां तक संभव हो खुले बदन एवं बिना मच्छरदानी के न सोए। अप्रशिक्षित/झोलाछाप डॉक्टर के पास रोगी को न लेकर जाए। नगरी क्षेत्र में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा साफ-सफाई, एंटी लारवा का छिड़काव एवं फोगिंग कराया जाएगा।
                   बीमारी पर नियंत्रण हेतु अर्ली डिटेक्शन - ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 3182 टीम जिसमें आशा, आंगनबाड़ी एवं सफाईकर्मी सम्मिलित रहेंगे, वह घर घर जाकर निम्नलिखित जानकारी एकत्र करेंगे जिसमें घर में किसी को बुखार तो नहीं है यदि है तो कब से है, घर के बाहर एवं अंदर मच्छरों के प्रजनन स्रोत तो नहीं है यदि है तो उन जल पात्रों को अपने सामने नष्ट कराएगी, छोटे-छोटे समूह 5 से 10 लोग में समूह बैठक कराएगी एवं उन्हें मच्छर जनित तथा जल जनित बीमारियों के होने के कारण एवं बचाव के उपाय बताएंगे। इंडिया मार्का हैंड पंप टू का पानी पीने की सलाह देंगे, यदि ऐसा संभव न हो तो 10 लीटर पानी में एक क्लोरीन का टेबलेट डालकर पानी विसंक्रमित कर पीने हेतु बताएंगे। त्वरित उपचार हेतु किसी भी गांव या मुहल्ला में एक या एक से अधिक बुखार के मरीज यदि है अथवा बुखार के रोगियों की निरंतर संख्या बढ़ रही है तो सूचना तत्काल ब्लाक प्रभारी चिकित्साधिकारी को उपलब्ध करा कर एम्बुलेंस से रोगी को पी0एच0सी0/सी0एच0सी0 ले जाकर जॉच एवं इलाज प्रारम्भ करायेंगे।

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