अमेठी सरकार के तमाम दावे फेल, दूसरों के रहम पर पल रहा परिवार, नहीं मिला एक भी सरकारी योजना का लाभ









अमेठी सरकार के तमाम दावे फेल, दूसरों के रहम पर पल रहा परिवार, नहीं मिला एक भी सरकारी योजना का लाभ



मनोज यादव
अक्षय मेल अमेठी






अमेठी: केंद्र एवं राज्य सरकारों के द्वारा गरीब परिवारों को सहायता पहुंचाने के लिए समय-समय पर अलग-अलग योजनाएं लागू की जाती है। लेकिन क्या यह योजनाएं वास्तव में उन तक पहुंच पाती हैं ? जिनके लिए यह बनाई जाती है। 


इसी बात की पड़ताल करने के लिए हमारी टीम केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के संसदीय क्षेत्र अमेठी की सदर तहसील गौरीगंज अंतर्गत आने वाले ब्लाक जामो के ग्रामसभा कटारी के रानी का पुरवा में पहुंची। जहां पर जमीनी हकीकत देख कर हम दंग रह गए। यहां पर एक ब्राम्हण परिवार ऐसा भी है जो वास्तव में गरीब है और सरकार के द्वारा चलाई जा रही तमाम योजनाओं का वास्तविक पात्र भी है । लेकिन अभी तक इस परिवार को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। 


आपको बता दें कि इस संयुक्त परिवार में छोटे बड़े मिलाकर लगभग दो दर्जन सदस्य हैं । इनका पुराना कच्चा मकान जर्जर होकर काफी गिर चुका है रहने के लिए अपनी छत नहीं है किसी तरह से तिरपाल तानकर और टीन शेड रखकर अपना गुजारा कर रहे हैं । जिसके चलते बरसात के दिनों में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। 


इस परिवार को अभी तक न तो ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत मिलने वाले मुफ्त विद्युत कनेक्शन मिला है, न ही उज्जवला योजना के तहत मुफ़्त गैस सिलेंडर। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस परिवार को अभी तक गरीब आवास योजना के तहत एक आवास भी मयस्सर नहीं हो सका है। यह परिवार पड़ोसियों की दया और कृपा पर रह रहा है।


यही नहीं केंद्र सरकार के द्वारा किसानों को दी जाने वाली किसान सम्मान राशि भी इस परिवार तक नहीं पहुंच पा रही है। चूल्हे पर खाना बनाता है यह परिवार इस भीषण गर्मी में भी अंधेरे में ढिबरी और लालटेन के सहारे रहने को मजबूर है। सरकारी योजनाओं के लिए इस परिवार ने कई बार आवेदन भी किया लेकिन आज तक नहीं मिल पाया। परिवार के सदस्य बताते हैं कि, अधिकारी कई बार आए जांच कर चले गए। 


इस गांव के ग्राम प्रधान में भी कभी इस परिवार के लिए नहीं सोचा। परिवार के मुखिया रामबरन पांडे का कहना है कि, मैंने इस बात को लेकर कई बार मैंने प्रयास किया लेकिन मुझसे सुविधा शुल्क मांगा जाता है, जिसको नहीं दे पाने के कारण आज तक मुझे कुछ भी नहीं मिल पाया है। ऐसे में यहां के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के द्वारा भी कहीं ना कहीं यह परिवार उपेक्षित रखा गया है।
चुनाव आने पर वोट के लिए सभी नेता पहुंचते हैं लेकिन इस गरीब की समस्या को सुनने के लिए और उसका निस्तारण करने के लिए कोई भी आगे नहीं आता है। मीडिया कर्मियों को देखते ही परिवार के लोगों ने सरकार से सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाऐ जाने की मांग की है।  ऐसे में अब देखने वाली बात है कि आखिर कब इस परिवार को किसान सम्मान निधि और गरीब आवास योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिल पाता है।

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