*पुलिस के एस आई को गलत रिपोर्ट देने में नहीं लगता डर?*
दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र
तिलोई /अमेठी से शिव बरन यादव की रिपोर्ट
जन सुनवाई को छोड़िये जी पुलिस अधीक्षक के आदेश को भी दर किनार कर फर्जी रिपोर्ट दे रहे सब इंस्पेक्टर क्या इतने बेलगाम हो गए हैं कि उन्हें किसी का खौफ ही नहीं रह गया? थाना मोहनगज मोहनगज के ग्राम कमई निवासी सोहनलाल पुत्र मुन्नू ने जिलाधिकारी अमेठी को एक शिकायती पत्र देकर अरोप लगाया कि पाच दिसम्बर 2019 को कमई निवासी संजय मिश्रा ने मेरी दस बिस्वा जमीन का इकरारनामा बीस हजार रुपया मे कराया। बाद में उक्त जमीन को बीते 18 अगस्त को हैदरगढ जिला बाराबंकी निवासी भागदेई पत्नी मनीराम के हाथ बैनामा करवा दिया । पैसा मेरे खाते मे आर टी जी एस करने की बात कह कर बैनामा करवा लिया था। जब मै बैक जाकर खाते मे देखा तो पैसा नही आया था। जब यह बात सजय मिश्रा से बताया तो मुझे लाठी डण्डो से संजय मिश्र तीनो भाई ने जमकर मारा पीटा जिसकी शिकायत थाना मोहनगज मे 21 अगस्त को दर्ज कराने का प्रयास किया । थानाध्यक्ष ने उक्त मामले की जाच हल्का एस आई अजय पाण्डेय को सौपी। अजय पाण्डेय ने मामले मे 15 हजार लेकर सुलहनामा कराने का प्रयास किया जिसकी शिकायत जिलाधिकारी अमेठी से 31 अगस्त को किया। डीएम ने जाच गौरीगज उपजिलाधिकारी को सौपी जहां जाच करने के दौरान ग्रामीणो ने ब्यान देते हुये बताया जमकर तीनो भाईयो ने मारापीटा। इसी बीच भुक्त भोगी ने पुलिस अधीक्षक अमेठी को 24 अगस्त को एक प्रार्थना पत्र देकर न्याय के लिये गुहार लगाई। यह जाच एस आई जगदीश चंद्र को मिली औऱ बाद जांच एस आई जीती मक्खी निगलते हुये रिपोर्ट में लिखा कि इकरारनामा 80 हज़ार रुपया देकर कराया गया है जबकि इकरारनामा के पहले पेज पर दूसरी लाइन में तयशुदा मूल्य 20 हज़ार लिखा है। बैनामा लिखाते समय संजय मिश्रा ने अग्रीमेंट का ज़िक्र नही किया है। बड़ा सवाल ये है कि ये 80 हज़ार लेन देन का क्या कोई साक्ष्य विपक्षी ने दिया ? क्या सोहनलाल द्वारा दिखाया जा रहा रजिस्टर्ड एग्रीमेंट एस आई के अनुसार फर्जी है? जब रजिस्टर्ड अग्रीमेंट में 20 हज़ार का उल्लेख है तो दरोगा जी को 80 हज़ार कहाँ दिख गये? इससे लगता है कि उन्होंने बिना किसी परवाह के उन्होंने विपक्षी के अनुसार रिपोर्ट गढ़ दिये। ऐसे में गरीबो को न्याय मिल पाना बहुत कठिन है।इस समबन्ध मे थानाधयक्ष बिश्बनाथ यादव से बात किया तो रिपोर्ट से अनभिज्ञता ब्यक्त किया।

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