जाने कोविड किट खरीद मामले का क्या है सच।

दैनिक अक्षयमेल समाचार
रिपोर्ट-शिव प्रसाद मौर्य
सुल्तानपुर कोरोना किट खरीद मामले का क्या है सच शासनादेश के मंशानुरुप ही हुआ कार्य डीएम सी इंदुमती। 

ग्राम निगरानी समिति, नगर पालिका, नहर सिचाई विभाग,से की गयी है किट की खरीद फरोक्त  नही हुआ शासन के शासना देश का कोई दुरूपयोग। 

न जानकारी के आभाव में विधायक के द्बारा लगाया गया आरोप जो है दुर्भाग्यपूर्ण डीएम। 

ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनयु के शासनादेश संख्या 80/एसीएस आरडी /पीआर /2020 दिनांक 24 जुलाई 2020 के द्बारा पल्स आॅक्सीमीटर और आई आर थर्मामीटर की आपूर्ति ग्राम पंचायतों में शासना देश के विपरीत किए जाने की शिकायत शोसल मीडिया पर वायरल हो रही है डीएम सी इंदुमती ने इस मामले में स्पष्ट किया कि लम्भुआ विधायक द्बारा आरोप दुर्भाग्यपूर्ण है न जानकारी के आभाव में आरोप लगाया गया है सही यह है कि कोविड 19 के संक्रमण को रोकने के लिए शासन द्बारा दिए गये निर्देशों के अनुपालन में ही कार्य किया गया है प्रत्येक नगर पंचायत ग्राम पंचायतों में सर्विलांस टीम गठित करते हुए डोर टू डोर सर्वेक्षण कराने के लिए प्रत्येक टीम को आॅक्सीमीटर एवं आई आर थर्मामीटर दिये जाने की अपेक्षा की गयी थी। सही समय पर कोविड 19 संक्रमण की रोकथाम की तत्काल  जरुरत को देखते हुए ग्राम पंचायतों, एवं नगर पंचायतों द्बारा विकेन्द्री कृत रूप में शासन के आदेशानुसार पल्स आॅक्सीमीटर और आई आर थर्मामीटर अधिकृत फर्मो द्बारा विभिन्न मूल्यो पर की गयी है शासन स्तर से उक्त सामग्री के मूल्यो का निर्धारण नही किया गया था ग्राम विकास एवं ग्राम पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश शासन लखनयु के शासनादेश संख्या 80/एसीएस आरडी/पीआर /2020 दिनांक 24 जुलाई 2020 के अनुपालन में पल्स आॅक्सीमीटर और थर्मामीटर का मूल्य 2800 रूपया निर्धारित किया। अधोहस्ताक्षरी के  संज्ञान में उक्त शासनादेश के संज्ञान में आते ही तत्काल आपूर्ति फर्मो का  भुगतान रोकते हुए ग्राम पंचायतों एवं नगर पंचायतों उक्त शासनादेश के पूर्व में किए पल्स आॅक्सीमीटर और थर्मामीटर की जांच क्रमशः जिला पंचायत राज अधिकारी व अपर जिला अधिकारी को दी गयी। जांच में संज्ञान में आया कि 986 ग्राम पंचायतों में से 304 ग्राम पंचायतों का भुगतान उपरोक्त शासनादेश निर्गत होने के पूर्व में ही कर दिया गया है। शेष 682 ग्राम पंचायतों का भुगतान  नही हुआ था। अधोहस्ताक्षरी द्बारा साथ में निर्धारित मूल्य से 682 ग्राम पंचायत के भुगतान पर तत्काल रोक लगाते हुए आपूर्ति फर्मो के विरूद्ध जांच के आदेश दे दिए गये। डीएम सी इंदुमती ने स्पष्ट किया की जिले में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर जिले कोविड किट की आपूर्ति नही की गयी है शासनादेश में निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर आपूर्ति करने वाली 682 ग्राम पंचायतों का भुगतान तत्काल रोक दिया गया है पूर्णतया शासना देश का पालन किया गया है किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नही हुआ है विधायक द्बारा इस क्रम में जनपद स्तर पर जानकारी प्राप्त की जाती तो इस प्रकार के आरोप नही लगाये जाते  यह स्थित उत्पन्न नही होती। डीएम के स्पष्ट करने के बाद लम्भुआ विधायक देवमणि द्विवेदी के इस दावे पर भी सवालिया निशान पैदा हो रहे है।

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