2 बोरी खाद ऊंट के मुंह में जीरे के समान सरकार कर रही किसानों के साथ नाइंसाफी
बछरावां रायबरेली -- जनपद में किसानों को खाद की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। प्रशासनिक अव्यवस्था से किसानों को खाद मिल पाना असंभव प्रतीत हो रहा है। एक तरफ जहां इफको किसान केंद्र लगभग तीन दिनों से बंद है एक ही किसान मंसाराम को केंद्र प्रभारी द्वारा 184 बोरी आवंटित किए जाने पर विभाग द्वारा कार्यवाही की गई है अब किसानों के पास केवल सहकारी समितियों में जाने का ही रास्ता बचा है वहां भी गणेश परिक्रमा करने को किसान मजबूर है। वहीं दूसरी तरफ सरकार के नियम की एक किसान को केवल दो बोरी खाद ऊंट के मुंह में जीरा के समान प्रतीत हो रहा है। नए नियम के मुताबिक किसान को इफको किसान केंद्र व सरकारी समितियों पर प्रत्येक किसान को केवल दो बोरी खाद ही दी जाएगी। चाहे वह एक विश्वा का किसान हो चाहे वह दस बीघे का किसान हो अंधेर नगरी चौपट राजा टके सेर भाजी टके सेर खाजा की कहावत क्षेत्र में पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। धान रोपाई के दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किसानों के लिए खाद की समस्या जस की तस बनी हुई है। एक तरफ आवारा जानवर धान की फसलों को साफ करने में लगे हुए हैं। उनके लिए कोई भी प्रशासन द्वारा इंतजाम नहीं किया गया है। किसानों की आय दोगुनी करने का केवल खोखला दावा ही सरकार द्वारा किया जा रहा है। सही मायने में देखा जाए तो वर्तमान समय में किसान महंगाई, खाद की समस्या व आवारा जानवरों की समस्या से निजात नहीं पा रहा है। उस हालात में किसान की आय दुगनी तो क्या आधी भी नहीं हो पा रही है। बछरावां क्षेत्र के किसान रामकिशोर वर्मा ने बताया कि अगर समय पर खाद ना मिल पाए तो फसल की पैदावार नहीं हो पाएगी।

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