नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से जारी


पंकज शुक्ला



रामसनेहीघाट बाराबंकी ।। कोतवाली रामसनेही घाट क्षेत्र में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से की जा रही है। 
प्रशासन द्वारा सिर्फ छोटी-छोटी कार्यवाही कर खानापूर्ति की जाती है। 
बड़ी कार्रवाई नहीं होने के कारण मादक पदार्थों का हब बना हुआ है कोटवा सड़क ।
जिसके  आस पास हाईवे किनारे
खुले होटलों, ढाबों पर अफ़ीम डोडा, पोस्त चुरा मार्फिन जैसे मादक पदार्थो की अवैध बिक्री पर आज तक अंकुश  लगाने में हवा हवाई साबित हो रहा हैं । ज्ञात हो कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की बिक्री करने वाले तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि कुछ न बिगाड़ पाने की धौंस तक दे देते रहते हैं। गांव के लोग इनका विरोध नही कर पाते। क्योंकि खासकर ये लोग आदतन अपराधी या बड़ी पहुंच वाले होते हैं। इससे गांवों का माहौल दिन ब दिन खराब होता जा रहा है। और गांव  व क्षेत्र   के युवाओं  मे  नशा के आदि होते जा रहे हैं ।
शाम होते ही  महिलाएं व लड़कियों को घर से निकलने के पहले सोचना पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार  इस धंधे में लिप्त तस्करों को पुलिस का पूरा संरक्षण प्राप्त है। यही कारण है कि स्थानीय  पुलिस सब कुछ जानते हुए भी मौन है।
इस धंधे में लिप्त तस्करों  की तरफ कोर्ई सख्त कदम थाने पुलिस नहीं उठाती है।उसे डर बना हुआ है कि महीने में मिलने वाली मोटी रकम कन्ही बन्द न हो जाए।
 कोतवाली क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर कुकरमुत्ते की तरह से मार्फिन, पोस्त चुरा ,अफ़ीम व अवैध शराब के विक्रेता बन चुके हैं जो कि अवैध रूप से शराब की बिक्री करके पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे हैं।

गौरतलब है कि जिला पुलिस अधीक्षक अरविंद चतुर्वेदी जिले से अपराध व अपराधियों के खात्मे के लिए विभिन्न प्रकार से योजनाएं बनाकर पूरी तरह से प्रयासरत हैं और उन्होंने जिले के सभी थानों और चौकियों में क्राइम को रोकने के दिशा में पुरजोर प्रयास करने के आदेश जारी किए हुए हैं, लेकिन रामसनेही घाट  थाना  व चौकी हाथोंधा
में तैनात हेड कांस्टेबल  समेत अन्य पुलिकर्मियों की मनमानी का आलम यह है कि कस्बा कोटवा सड़क 
में मार्फिन की अवैध बिक्री और विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री बेरोकटोक जारी है।जिसे रोकने में हथोंधा पुलिस पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही हैं। क्योंकि चौकी पर तैनात हेड कांस्टेबल पुलिस कर्मी तस्करों से मिल कर अपनी जेब भरने में मशगूल हैं।
 मजेदार बात यह है कि अगर कहीं पर छापामारी की जाती है तो किसी भी स्थान पर छापेमारी करने से पहले ही छापे की सूचना अमुक व्यक्ति को पहले ही मिल जाती है।

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