बनीकोडर मे भष्टाचार चरम सीमा पर जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल

बनीकोडर मे भष्टाचार चरम सीमा पर जिम्मेदार अधिकारी भी शामिल

अक्षयमेल समाचार

पंकज शुक्ला

रामसनेहीघाट,बाराबंकी।ग्राम पंचायतों में मनरेगा शौचालयों के निर्माण आदि में की जा रही घपलेबाजी मनमानी  का पर्दाफाश करना मीडिया कर्मियों को मंहगा पड़ रहा है।स्थिति यहाँ तक पहुंच गई है कि प्रधान के पालतू लोग नियम विरुद्ध कार्यों एवं भ्रष्टाचार का राजफाश होने की आशंका से मौके पर जाने वाले पत्रकारों को डराने धमकाने एवं हमला करके लहूलुहान करने लगे है और पुलिस चन्द स्वार्थवश मीडिया कर्मियों का सहयोग न करके उनका मनोबल बढ़ा रही है।
     जानकारी के अनुसार इस समय ग्राम पंचायतों में मजदूरों को रोजगार देने के उद्देश्य से मनरेगा योजना के तहत विभिन्न प्रकार के कार्य करवा रही है।सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना का अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रधानों द्वारा मजाक उड़ाया जा रहा है और व्यापक पैमाने पर अपनी कमाई के लिए घपलेबाजी कर अमानत में खयानत की जा रही है।इस घपलेबाजी का पर्दाफाश गत दिनों जिलाधिकारी द्वारा गत सप्ताह विकास खंड बनीकोडर की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कराये जा रहे विभिन्न कार्यों का औचक निरीक्षण करके कर चुके हैं।निरीक्षण के दौरान प्रधानों द्वारा की जा रही घपलेबाजी उजागर हुयी और कागज पर तो कार्य हो रहा था लेकिन मौके पर काम बंद मिला था।मनरेगा योजना में प्रधानों द्वारा सिर्फ अपने समर्थक मजदूरों को प्राथमिकता ही नहीं दी जा रही है बल्कि नाबालिग लड़के एवं लड़कियों को शामिल कर सरकारी धनराशि का बंदरबांट किया जा रहा है।अगर ग्राम पंचायतों में प्रधानों द्वारा कराये जा कार्यों को गौर से अभिलेख देखे जाय तो कही कही पर भारी पैमाने पर घपले प्रकाश में आ सकते हैं।एक ही काम को बार बार कराकर सरकारी धन का गबन किया जा रहा है।ग्राम पंचायत शाहपुर मुरारपुर में लोगों ने इसकी शिकायत भी की है।इस पंचायत में एक ही कार्य को बार बार दर्शाकर पैसा निकाल लिया गया है और इसी तरह बिना शौचालय बनवाये ही धन निकाल लिया गया है और शिकायत होने के बाद बचाव में उन्हें बनवाया जा रहा है।इसी तरह ग्राम पंचायत तिवारीपुर के नागरिकों ने भी शिकायत करके ग्राम पंचायत पर बिना शौचालय बनवाये ही दर्जनों शौचालयों का धन निकालने का आरोप लगाया है।इसी तरह की शिकायत ग्राम पंचायत दिलौना के लोग भी कर रहे हैं और उनका आरोप है कि दर्जनों शौचालयों का पैसा बिना निर्माण कराये ही निकाल लिया गया है।इसी प्रकार ग्राम पंचायत भवनियापुर खेवली में भी लगाये जा रहे हैं जहाँ पर एक पुराने भठ्ठे की उबड़खाबड़ भूमि जो इस समय चारागाह के रूप में सुरक्षित है उस उपजिलाधिकारी के  रोकने के बावजूद  तालाब की खुदाई कराई जा रही है।इस पंचायत में इसी तरह के अःन्य  विकास कार्यों में घपलेबाजी के आरोप लगाये जा रहे हैं।इसी क्रम में विकास खंड पूरे डलई अन्तर्गत ग्राम पंचायत उदईमऊ के लोग भी घपलेबाजी का आरोप लगा रहे हैं।  यही हाल दरियाबाद विकास खंड का भी है और कुशफर के लोगों ने प्रधान पर घपलेबाजी एवं भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुये जांच की मांग कर रहे हैं।यह स्थिति तहसील क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले तीनों विकास खंडो के दो चार ग्राम पंचायतों में नहीं बल्कि दर्जनों ग्राम पंचायतों की है जहां पर प्रधानों द्वारा मनरेगा एवं शौचालयों के निर्माण में घपलेबाजी के आरोप लगाये जा रहे हैं।
        ताज्जुब तो इस बात का है कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में हो रही घपलेबाजी का जो भी विरोध करता है प्रधान उसे अपना दुश्मन मानकर उसे सबक सिखाने की कोशिश कर रहे हैं।जो पत्रकार इन घपलों एवं मनमानी करने का समाचार प्रकाशित कर पर्दाफाश करने की हिम्मत करता है उसे भी सबक सिखाने की कोशिश की जाती है और उस पर हमले करवाये जाने लगे हैं।अभी दो तीन पहले दरियाबाद में एक मीडिया कर्मी पर हमला करके उसे घायल भी किया जा चुका जिसकी रिपोर्ट बहुत मुश्किल के बाद दर्ज हो सकी है।इस मामले दबाव बढ़ने के बाद पुलिस द्वारा प्रधान प्रतिनिधि सहित दो लोगों बाइज्जत थाने बुलाकर चालान भेज दिया गया है।इसी तरह भवनियापुर खेवली में मनरेगा के तहत हो रही तथाकथित तालाब की खुदाई की असलियत देखने जब एक पत्रकार गया और वीडियो बनाने लगा तो मजदूरों को भड़काकर उसे अपमानित करने का प्रयास किया गया।इसी तरह शाहपुर मुरारपुर में घपले का पर्दाफाश करने वाले पत्रकारों पर आरोप लगाये और चुप कराने की कोशिश की जा रही है।इसी तरह ग्राम पंचायत सिल्हौर में भी प्रधान पर घपलेबाजी का आरोप लगाये जा रहे हैं और इसका पर्दाफाश करने वाले पत्रकार को धमकाया जा रहा है।पुलिस इन घपलेबाज प्रधान एवं उनके पालतू गुर्गों पर कार्यवाही करके पत्रकारों का मनोबल बढ़ाने की जगह उन पर ही शराब पीने एवं पैसा मांगने का आरोप लगा कर हतोत्साहित करने में जुटी है।

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