कबीर साहेब का प्राकट्य दिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति की पूजा की


कबीर साहेब का प्राकट्य दिवस एवं विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रकृति की पूजा की


विद्यमान का पाठ पढ़ा कर सद्भावना पैदा करने के लिए जाग्रत किया - भारती रामनाथ

दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र अमेठी

देवेन्द्र

 फुरसतगंज ।। विश्व में ज्ञान के प्रतीक, मनुष्य को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले सद्गुरु कबीर साहेब के प्राकट्य दिवस पर सद्भावना वाटिका पूरे धौकल खालिसपुर अमेठी में कबीर साहेब के चित्र पर माला पहनाकर सदगुरु कबीर विचार संस्थान उत्तर प्रदेश द्वारा सदगुरु कबीर साहेब की प्रकट दिवस और 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस सोशल डिस्टेंस को देखते हुए मनाया गया और सदगुरु कबीर विचार संस्था महामंत्री - भारतीय रामनाथ ने सदगुरु कबीर विचार साहेब के प्रकट दिवस पर सभी को विस्तार से बताया कि साहब सदगुरु कबीर साहब ऐसे सतगुरु थे जिसे पढ़ना कठिन है और सरल भी जिस प्रकार जंगल में पेड़, पौधे, फल, फूल, बालू, पत्थर, अनेक प्रकार के खनिज पदार्थ जैसे हीरा आदि से भरा हुआ है परंतु बिना खोजें कुछ भी नहीं मिलेगा और जंगल से ही मिलेगा वही काम मानव को तराश कर एक अनोखी ज्योति जलाकर मानवता की पहचान बताई है । सतगुरु कबीर, दिखता कुछ नहीं है और अंदर सब कुछ सब विद्यमान का पाठ पढ़ा कर सद्भावना पैदा करने के लिए जाग्रत किया ! कबीर न्यूज़ ब्यूरो नीलम ने सभी नागरिकों को जन जागरूक करते हुए मास्क वितरण कर अपने गांव के महिलाओं व बच्चों को महामारी कोरोना वायरस से बचने के लिए आपस में सभी को साफ - सफाई और खान-पान का विशेष ध्यान देना होगा और अपने हाथों को बार-बार चेहरे और नाक पर ना लगाएं और साबुन से हाथों को अच्छी तरह से धोना चाहिए । जिसमें हम लोग महामारी को इस देश से बहुत जल्द ही दूर हो जाएगी । 
इस अवसर पर महेंद्र भारती, डा देवेन्द्र भारती, दशावती, पूनम भारती, रामकिशोर, शिवानी, आराधना, छेदी लाल, आदि बुद्धिजीवी लोग उपास्थि रहे।

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