नीलम ब्यूरो हिन्दी दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र रायबरेली
छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं बसपा जिला कोषाध्यक्ष ने कहा कि निजी विद्यालय संचालकों द्वारा लाकडाउन के दौरान छात्रों के अभिभावकों के मोबाइल पर फीस के लिए मैसेज भेजना दुर्भाग्यपूर्ण है। निजी विद्यालय संचालकों की ओछी हरकतों से अभिभावक मानसिक रूप से सदमे में है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमन्त्री द्वारा घोषित किये गये लाकडाउन के बाद से शासन-प्रशासन द्वारा निजी विद्यालयों से लाकडाउन के दौरान फीस हेतु दबाव न बनाये जाने हेतु अपने बयानों में स्पष्ट रूप से कहा जा रहा है, किन्तु विद्यालय संचालकों के कानों में जूँ तक नहीं रेंग रही। श्री सिंह ने कहा कि सबसे ज्यादा दुःख तो इस बात का है जहाँ जिलाधिकारी श्रीमती शुभ्रा सक्सेना भी अभिभावकों के प्रति संवेदनायें प्रकट करते हुए शिक्षण शुल्क हेतु दबाव न बनाये जाने हेतु कहकर संकट की इस घड़ी में सहिष्णुता का परिचय दे चुकी हैं तो वहीं विद्यालय संचालकों के ऊपर कोई विधिक कार्यवाही न करने के कारण डी.आई.ओ.एस. रायबरेली की भूमिका संदेहास्पाद है। श्री सिंह ने न्यायप्रिय जिलाधिकारी से मांग की है कि निजी विद्यालय संचालकों को निर्देशित करें कि संकट की इस घड़ी में अभिभावकों के धैर्य की परीक्षा न लेते हुए उनके मोबाइल पर मैसेज भेजकर मनौवैज्ञानिक रूप से दबाव न बनायें, अन्यथा कभी भी अभिभावकों द्वारा अप्रिय घटना स्वयं अथवा परिवार के साथ घटित की जा सकती है तथा अपने पदीय कर्तव्यों के विपरीत कार्य करने वाले डी.आई.ओ.एस. रायबरेली के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की भी मांग की है।

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