नियम कायदे को ताख पर रख पूर्ति विभाग कार्यालय पर राशनकार्ड काटने जोड़ने, चल रहा खेल

नियम कायदे को ताख पर रख  पूर्ति विभाग कार्यालय पर राशनकार्ड काटने जोड़ने, चल रहा खेल 

  गैर महिला को मुखिया बनाकर जारी हुआ अंत्योदय कार्ड,
मृतका के वारिस के नाम एक वर्ष बाद भी नहीं हुआ जारी अंत्योदय कार्ड
मुकदमा दर्ज करने के आनलाइन पोर्टल पर हुआ आवेदन
मामला बीकापुर से है जुडा




दैनिक अक्षय मेल समाचार
अशोक कुमार वर्मा संवाददाता
बीकापुरअयोध्या




खाद रसद विभाग एक ऐसा भी विभाग है जहां किसका राशन कार्ड सूची से हटाना है यह फिर जोड़ना है यह कहें राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों को दूसरे राशन कार्ड में दूसरे का परिवार के सदस्यों का नाम शामिल करके राशन कार्ड जारी करने धन उगाही के बाद सब जायज है यही नहीं हाल में एक मामला बीकापुर पूर्ति विभाग कार्यालय से जुड़ा सामने आया है कि दादी के नाम से बना तीन यूनिट अंत्योदय राशनकार्ड उनकी मृत्यु के बाद उनका सुपौत्र अपने पत्नी के नाम से अंत्योदय कार्ड जारी करने के लिए सभी औपचारिकता पूरी कर पूर्ति विभाग कार्यालय में एक साल पूर्व प्रार्थना पत्र दिया और कार्यालय में तैनात कर्मी ने कार्ड जारी शीघ्र आश्वासन दिया था।फिर पूर्ति विभाग का खेल शुरू हो गया। आवेदक की पत्नी के बजाय गैर महिला को मुखिया के नाम  उक्त कार्ड में आवेदक का नाम उसकी पत्नी को सदस्य के दर्ज कर अंत्योदय कार्ड जारी कर दिया। आवेदक पूर्ति विभाग के साथ कई अधिकारियों से न्याय पाने के लिए दौड़ता रहा फिर भी न्याय नहीं मिला तो अब मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, जिला अधिकारी अयोध्या, स्थानीय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीकापुर को आनलाइन पोर्टल पर बछरामपुर पेड़रा निवासी लवकुश पुत्र स्व परशुराम निषाद ने शिकायत दर्ज कराते हुए पूर्ति विभाग पर गम्भीर आरोप लगाते हुए आरोपित किया है कि मेरी दादी दुरपता पत्नी स्व दुखी के नाम से अंत्योदय कार्ड संख्या 217720186756 तीन यूनिट का सहायक विकास अधिकारी पंचायत अरुणांश कुमार द्वारा बनाया गया था। राशन बराबर मिल रहा था। मेरी दादी दुरपता का अचानक 27 जून सन् 2019को मृत्यु हो गई। लवकुश कुमार के द्वारा मूल राशनकार्ड, प्रार्थना पत्र, मृत्यु प्रमाापत्र,अपना और पत्नी का आधार कार्ड , फोटो  मुखिया, आपूर्ति विभाग निरीक्षक  बीकापुर को दो अगस्त सन् 2019 को देकर मांग किया था कि मेरी दादी के नाम के स्थान मेरी पत्नी प्रीती  के नाम से बनाकर जारी किया जाए जिसके लिए आश्वासन दिया कि शीघ्र ही बनाकर कार्ड जारी कर दिया जाएगा। एक वर्ष बीत गए अभी तक न तो राशनकार्ड बना और न ही राशन मिला।जब काफी भागदौड़ किया और छानबीन के बाद पता चला कि आपूर्ति विभाग बीकापुर में कम्प्यूटर पर कार्य कर रहे (आपरेटर ) ने धोखाधड़ी,जालसाजी, से फर्जी रुप से प्रेमा देवी नामक महिला मुखिया के और पति के स्थान पर मेरे बाबा दुखी,उसी में मेरा नाम और मेरी पत्नी का नाम दर्ज कर राशन की कालाबाजारी की जा रही है।इस बारे मौखिक रूप से ग्राम प्रधान, उचित दर विक्रेता, आपूर्ति विभाग कार्यालय बीकापुर से कई बार की गई लेकिन कोई सुनवाई न होने पर प्रभारी निरीक्षक बीकापुर को आनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जाए दोषी मिलने वाले के खिलाफ कड़ी कार्यवाही हो।

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