हैदरगढ़ सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक के काले कारनामों की भेंट चढ़ गया है जनता का राशन,सीएम के निर्देशों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां

हैदरगढ़ सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक के काले कारनामों की भेंट चढ़ गया है जनता का राशन,सीएम के निर्देशों की खुलेआम उड़ाई जा रही धज्जियां


दैनिकअक्षयमेल समाचार

पंकज शुक्ला




बाराबंकी ।। हैदरगढ़ तहसील के भ्रष्ट आपूर्ति निरीक्षक एंव सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत के चलते नगर पंचायत हैदरगढ़ एवं सिद्धौर नगर पंचायत के साथ ही ग्रामीण इलाकों के कोटेदारों
द्वारा खुलेआम लाक डाउन के समय जनता को राशन न देकर खुलेआम कालाबाजारी की जा रही है,प्रदेश के सीएम द्वारा राशन कार्ड उपलब्ध न होने के बाद भी आधार कार्ड लेकर या फिर पहचान कर शहर या फिर गांव के गरीबों को राशन देने की बात कही गई है,मगर उसके ठीक विपरीत हैदरगढ़ आपूर्ति निरीक्षक एवं सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक लाक डाउन के दौरान गरीब जनता के पेट पर डाका डालने में जुटे हुए हैं चंद रुपयों की खातिर खुलेआम गरीबों से खिलवाड़ करने में जुटे हुए है, इसकी एवज में प्रतिमाह हरे नोटों की सौगात भेंट की जाती है,इस मामले को लेकर जब उच्च अधिकारी से बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि सरकार द्वारा अंतोदय कार्ड धारकों को ही निशुल्क राशन दिए जाने की बात कही गई है,फिलहाल मुख्यमंत्री के निर्देशों को ताक पर रखकर खुलेआम हैदरगढ़ आपूर्ति निरीक्षक एवं सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक द्वारा खुलेआम निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और खुलेआम प्रत्येक कोटेदारों द्वारा राशन की कालाबाजारी बड़े स्तर पर की जा रही है, इसी के साथ कोटेदारों द्वारा खुलेआम जनता को बेइज्जत भी किया जा रहा है,लाक डाउन की स्थिति के दौरान खुलेआम कोटेदारों द्वारा धड़ल्ले से राशन की कालाबाजारी भी खुलेआम की जा रही है,
जिसको रोकने के बजाय हैदरगढ़ आपूर्ति निरीक्षक व सिद्धौर आपूर्ति निरीक्षक द्वारा खुलेआम जनता के हक पर डाका डालने का खेल खुलेआम खेला जा रहा है,यह खेल कुछ इस प्रकार खेला जा रहा है,आपूर्ति निरीक्षक कार्यालय हैदरगढ़ द्वारा अंतोदय कार्ड धारकों के नाम के साथ लाल कार्ड और सफेद कार्डो में मौजूद परिवार के मुखिया के साथ आठ से 10 नामों को हटाने के साथ कार्ड में  मात्र दो ही नाम रखे गए हैं, इससे परेशान सैकड़ों लोग कई माह से ऑनलाइन नाम चढवाने  के लिए तहसील के चक्कर काटने को मजबूर थे, लगातार ग्रामीण इलाकों से आए लोगों का खुलेआम शोषण भी किया जाता रहा है,और लाक डाउन के दौरान तो और भी मौका मिल गया है इन आपूर्ति अधिकारियों को खुलेआम कालाबाजारी कराने के लिए रास्ते खुल गए हैं,तहसील बंद है,7 से 8 सदस्यों के नाम कटे हैं तो किसी एक परिवार के एक व्यक्ति को राशन दिया जा रहा है ,साथ अन्य लोगों के साथ सौतेला व्यवहार भी किया जा रहा है,इसी प्रकार पूरे तहसील इलाके में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जिनका राशन कार्ड आधार में लटका हुआ है नवीनीकरण होने के नाम पर राशन उनको नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है,और खुलेआम कोटेदारों की मनमानी देखने को मिल रही है, इस पूरे खेल में हैदरगढ़ आपूर्ति निरीक्षक एवं सिद्धौर पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत के चलते यह खेल लाक डाउन के कई महीने पहले से संचालित है,इस तस्वीर में आप देख सकते हैं हैदरगढ़ तहसील में नाम कट जाने के बाद एक गरीब महिला एसडीएम से फरियाद लगाने भी पहुंची है मगर  एसडीएम हैदरगढ़ के कार्यालय का दरवाजा बंद मिलने पर महिला बैरंग वापस हो गई थी।

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