वित्तविहीन शिक्षकों की दशा पर भी नजर डाले सरकार - योगिता सिंह

वित्तविहीन शिक्षकों की दशा  पर भी नजर डाले सरकार - योगिता सिंह




महराजगंज रायबरेली
वैष्विक महामारी कोरोना के चलते हुए लाकडाउन के कारण अब भुखमरी का संकट छाने लगा है। जिसमें सबसे अधिक प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षकों पर प्रभाव पड़ रहा है। लाकडाउन के चलते बन्द विद्यालयों के चलते वित्तविहीन शिक्षकों की स्थिति दिन प्रतिदिन दयनीय होती जा रही है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा की जिला महासचिव योगिता सिंह ने कहा कि पिछले माह से बन्द विद्यालयों के चलते वित्तविहीन शिक्षकों की हालत दिहाड़ी मजदूरों से बदतर हो गयी है। विद्यालयों के बन्द रहने के कारण वित्तविहीन शिक्षक को बहुत ही कम वेतनों में अपनी जिविका चला रहे थे वह भी उन्हे प्राप्त नही हो पा रही है। श्रीमती सिंह ने कहा कि एक ओर तो सरकार गरीबों , वंचितो व मजदूरों को हर प्रकार की सामान्य आवष्यकताओं की पूर्ति के दावे कर रही है वहीं दूसरी तरफ आर्थिक स्थित से जूझती प्रबन्ध समिति और सरकार की उदासीनता के चलते वित्तविहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी भुखमरी की कगार पर पहंुचते जा रहे हैं। महासचिव योगिता सिंह ने प्रदेश के मुख्यमंत्री से वित्तविहीन शिक्षकों व कर्मचारियों को भी प्रदेश  की मुख्यधारा में सम्मिलित करते हुए शीघ्र अतिशीघ्र उनके भरण पोषण के लिए भी योजना बनाकर पांच हजार रूपये मासिक धनराशि  की सहायता वित्तविहीन शिक्षकों व कर्मचारियों को देने की मांग की है।

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