मौसम की मार झेल रहे किसानों की फसलें चट कर रहे आवारा पशु आखिर कौन है इसका जिम्मेदार प्रशासन बना मूक दर्शक।





शुकुल बाजार अमेठी _अन्नदाता के ऊपर एक तो कुदरत की मार दूसरी तरफ आवारा पशुओं का आतंक तस्वीरें बयां कर रही है जमीनी हकीकत आप देख सकते हैं फसलों की बर्बादी की हकीकत मौसम की मार झेल रहे किसानों की बची गेहूं की फसलें कुछ इस अंदाज में बर्बाद कर रहे घुमंतू जानवर जब कि स्थानीय प्रशासन की मेहरबानी से गांव में ही बना पशु आश्रय केंद्र महज छलावा साबित हो कर रह गया है।लाखों की लागत से बना पशु आश्रय केन्द्र बनने के बाद भी नही चल सका है। स्थानीय लोगों की मानें तो यहां गो आश्रय बना तो है। लेकिन उस आश्रय से कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। जानवर गो आश्रय के बाहर निकल कर पास के गांव में जाकर फसलों को चैट कर रहे हैं। जिससे छुट्टा मबेशी आये दिन किसानों की फसलों को बर्बाद करने में कोई कोर कसर नही छोड़ रहे हैं।जब कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा किसानों के हित मे किये जा रहे बड़े बड़े दावे मात्र छलावा साबित हो रहे हैं।किसानों की इस गम्भीर समस्या से आखिर कैसे अनजान बन कर स्थानीय प्रशासन मात्र कागजी कोरम पूरा करने में मशगूल नजर आता साफ दिखायी पड़ रहा है।कोई भी हो इसका जिम्मेदार किसान तो सरकार को कोसने पर हैं। मजबूर पर जिम्मेदारों के कान में जूं तक नही रेंग प रही हैं तस्वीरें बयाँ कर रही गम्भीर मुद्दे की हकीकत प्रबुद्ध जनों ने डीएम अमेठी से आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग की है।

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