लाखों की लागत से लगी स्ट्रीट लाइटें साबित हो रही बेकार

लाखों की लागत से लगी स्ट्रीट लाइटें साबित हो रही बेकार


शुकुल बाजार अमेठी लाखों की लागत से लगी क्षेत्र में कई स्ट्रीट लाइटे बेकार साबित हो रही हैं जनता की समस्या को ध्यान में रखते हुए शासन प्रशासन एवं ग्राम पंचायत निधियों से लगवाई गई कई लाइटें लगाने के एक-दो दिन बाद ही खराब हो गई । जबकि स्ट्रीट लाइटों को इतनी जल्दी नहीं खराब होना चाहिए य तो फिर लाइटो के लगाए जाने में भ्रष्टाचार किया गया या फिर थर्ड क्वालिटी की लाइटें लगाई गई जबकि लिखा पढ़ी में स्ट्रीट लाइटों की अच्छी खासी कीमत दिखाई गई है यानी की ब्रांडेड क्वालिटी की स्ट्रीट लाइटें लगाई गई क्षेत्रवासियों का कहना है  ज्यादातर लाइटें खराब हो गई बिजली के खंभों पर बंधी यह लाइटें जल तो नहीं रही है लेकिन इनके नाम पर लाखों रुपए जिम्मेदारों ने खर्च कर दिया कहीं ना कहीं लाइटों की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार हुआ  है जब एक एलईडी बल्ब इतनी जल्द नहीं खराब होती तो फिर यह लाइटे इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई शुकुल बाजार कस्बा सहित आसपास की कई ग्राम सभाओं में खराब पड़ी स्ट्रीट लाइटें बिजली के खंभों पर देखी जा सकती हैं क्षेत्रवासियों का कहना है जब स्ट्रीट लाइट जलनी ही नहीं थी तो फिर क्यों सरकारी धन का सरकारी खजाने का दुरुपयोग किया गया अगर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई तो इन्हें जलना भी चाहिए जो स्ट्रीट लाइट खराब हुई है उन्हें बदला जाए जिन स्ट्रीट लाइटों की बिजली कटी है उन्हें बिजली दी  जाए  जिससे आम आदमी समेत राहगीरों को परेशानी का सामना ना करना पड़े तथा जिस लिए सरकारी धन खर्च किया गया है उसका सदुपयोग हो सके तथा खंभे पर लगी लाइटों की जांच कराई जाए कि जिस क्वालिटी की लाइट लगाई गई गई है उसका मार्केट में कितना दाम है और कागज पर कितना दिखाया गया है ऐसी क्षेत्रवासियों की मांग है।

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