अमेठी मे सडकों को गडडा मुक्त करने के योगी सरकार के अभियान मे बडा खेल लोक निर्माण विभाग पर डी एम के आदेश भी बेअसर। 17 अक्टूबर 2019 को समाप्त हुआ था सडको को गडडा मुक्त करने का सिलसिला ।


अमेठी मे सडकों को गडडा मुक्त करने के योगी सरकार के अभियान मे बडा खेल

लोक निर्माण विभाग पर डी एम के आदेश भी बेअसर।

17 अक्टूबर 2019 को समाप्त हुआ था सडको को गडडा मुक्त करने का सिलसिला ।

अक्षय मेल समाचार।
अमेठी।
 कहने को तो अमेठी केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का  संसदीय क्षेत्र है  केंद्र सहित  उत्तर प्रदेश की योगी सरकार  की अमेठी पर  खास नजर रहती है  उसके बावजूद यहां के लोक निर्माण विभाग के अधिकारियो पर कोई असर नही है 

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने  कई बार  स्मृति के साथ अमेठी का दौरा किया  और  सड़कों में  व्यापक सुधार के निर्देश भी  दिए यही नहीं  योगी सरकार  समय-समय पर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान भी चला रही है फिर भी  अमेठी के  लोक निर्माण विभाग में  बैठे अधिकारियों की मनमानी  व  कथित भ्रष्ट कार्यप्रणाली के चलते  अमेठी की  90  प्रतिशत सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं  देखा जाता है कि  सड़कों की  रिपेयरिंग  गड्ढा मुक्त करने का काम या तो  घटिया  सामग्री के तहत किया जाता है और या तो  मिट्टी फेंक कर  गड्ढों को  पाटने का काम होता है  जहां भी देखा जाए गिट्टी उखड कर  सड़कों के किनारे पड़ी है । इसका  सबसे ज्वलंत उदाहरण है कादूनाला थौरी मार्ग जो कि लखनऊ वाराणसी मार्ग से  रायबरेली अयोध्या मार्ग को जोडता है परन्तु दुर्भाग्यवश इस मार्ग की दुर्दशा ऐसी है कि वाहन तो दूर साइकिल से भी चलना दूभर है  ।

अमेठी  -किठावर मार्ग  की जहां तक बात है  इसके संबंध मे अमेठी के वरिष्ठ अधिवक्ता  राजेश मिश्रा के अनुरोध पर पूर्व जिलाधिकारी राम मनोहर मिश्रा ने अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा था पर डी एम के पत्र का विभाग पर कोई असर नही पडा

राजेश मिश्रा ने अमेठी -किठवार मार्ग पर पैचिंग के नाम पर जमकर हुए भ्रस्टाचार को लेकर तहसील दिवस  मे शिकायत पत्र दिया जिस पर सम्पूर्ण समाधान दिवस प्रभारी ने सबन्धित के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही के आदेश दिये करीब तीन महीने पूर्व लाखो की लागत से सडक को गडडा मुक्त  किये जाने का  कार्य कराया गया था जो एक महीने भी नही झेल पायी  और सडक की हालत खस्ता हो गयी तो वहीं कादूनाला थौरी मार्ग जो कि शहीद पथ के नाम से भी जाना जाता है कि हालत यह है कि सड़क गढ्ढों में तबदील हो चुकी है जिस पर कंकड़ गिट्टी तो दूर मिट्टी तक नही डाली गयी जिससे आए दिन  स्कूल जाने वाले बच्चे  दुर्घटनाओं  का शिकार हो रहे हैं।  अमेठी प्रशासन की बात क्या कहें आखिरकार ईमानदार छवि का तमगा तो प्रदेश सरकार ने ही दिया है  ।

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