मकर संक्रान्ति के पावन अवसर साईं धाम मंदिर पर हुआ विशाल खिचड़ी भोज का आयोजन






शुकुल बाजार अमेठी 
मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूरे बड़गाइन धानेसा राजपूत साईं मंदिर पर विशाल खिचड़ी भोज का आयोजन किया  गया जिसमें दूर दूर से आए भक्तों गणों ने प्रसाद ग्रहण कर साईं बाबा मंदिर में मत्था टेका। भारी संख्या में भक्तों  को प्रसाद ग्रहण करने की  भीड़ देखी जा रही थी कार्यक्रम देर शाम तक चलता रहा। आयोजक महेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन हजारो की संख्या में लोग आकर इस खिचड़ी भोज प्रसाद को ग्रहण करते है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह मुख्य रूप से 'दान का पर्व' है। खिचड़ी भोज के साथ-साथ मेले का भी आयोजन किया गया है।  जिसमें भक्तगण पहुंचकर प्रसाद ग्रहण कर मेले का आनंद भी  ले रहे हैं। 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक का समय खर मास के नाम से जाना जाता है। एक समय था जब उत्तर भारत में 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक पूरे एक महीने किसी भी अच्छे काम को अंजाम भी नहीं दिया जाता था। शादी-ब्याह नहीं किये जाते थे परन्तु अब समय के साथ लोगबाग बदल गये हैं। परन्तु फिर भी ऐसा विश्वास है। कि जनवरी यानी मकर संक्रान्ति से पृथ्वी पर अच्छे दिनों की शुरुआत होती है। माघ मेले का पहला स्नान मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि के आख़िरी स्नान तक चलता है। संक्रान्ति के दिन स्नान के बाद दान देने की भी परम्परा है।इस दिन गंगा स्नान करके तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है। इस पर्व पर समूचे उत्तर प्रदेश में इस व्रत को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है ।तथा इस दिन खिचड़ी खाने एवं खिचड़ी दान देने का अत्यधिक महत्व होता है।

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