अक्षय मेल समाचार
प्रतापगढ़
अंतू थाना क्षेत्र के रसूलपुर गुलरहा में 14 जनवरी मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन विश्व हिन्दू एकता के द्वारा कराया गया जिसमें मुख्य अतिथि पूर्व विधायक बृजेश मिश्र सौरभ रहे तथा विशिष्ट अतिथि बल्लभ पांडेय रहे, विश्व हिंदू एकता के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे तथा सम्मानित पत्रकार बंधुओ को सम्मानित किया गया,विश्व हिन्दू एकता के प्रदेश अध्यक्ष अंकित तिवारी ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन हजारो की संख्या में लोग आकर इस महाप्रसाद को ग्रहण करते है उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह मुख्य रूप से 'दान का पर्व' है। प्रयागराज में गंगा, यमुना व सरस्वती के संगम पर प्रत्येक वर्ष एक माह तक माघ मेला लगता है जिसे माघ मेले के नाम से जाना जाता है। 14 जनवरी से ही प्रयागराज में हर साल माघ मेले की शुरुआत होती है। 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक का समय खर मास के नाम से जाना जाता है। एक समय था जब उत्तर भारत में 14 दिसम्बर से 14 जनवरी तक पूरे एक महीने किसी भी अच्छे काम को अंजाम भी नहीं दिया जाता था। शादी-ब्याह नहीं किये जाते थे परन्तु अब समय के साथ लोगबाग बदल गये हैं। परन्तु फिर भी ऐसा विश्वास है कि 14 जनवरी यानी मकर संक्रान्ति से पृथ्वी पर अच्छे दिनों की शुरुआत होती है। माघ मेले का पहला स्नान मकर संक्रान्ति से शुरू होकर शिवरात्रि के आख़िरी स्नान तक चलता है। संक्रान्ति के दिन स्नान के बाद दान देने की भी परम्परा है।बागेश्वर में बड़ा मेला होता है। वैसे गंगा-स्नान रामेश्वर, चित्रशिला व अन्य स्थानों में भी होते हैं। इस दिन गंगा स्नान करके तिल के मिष्ठान आदि को ब्राह्मणों व पूज्य व्यक्तियों को दान दिया जाता है। इस पर्व पर क्षेत्र में गंगा एवं रामगंगा घाटों पर बड़े-बड़े मेले लगते है। समूचे उत्तर प्रदेश में इस व्रत को खिचड़ी के नाम से जाना जाता है तथा इस दिन खिचड़ी खाने एवं खिचड़ी दान देने का अत्यधिक महत्व होता है।
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