अक्षय मेल समाचार/राजेश पाल
शुकुल बाजार अमेठी। इस बार बारिश के मौसम में आसमान से आग बरस रहा है सूखे जैसे हालात बन जाने से बारिश ना होने से किसानों में हाहाकार मचा है खरीफ में फसलों के लिए जो वर्षा विज्ञान की गणना ए हैं उसमें मेघानक्षत्र का विशेष महत्व है कहावत है की मेघा बरसे भरे न खेत माता नपरसे भरे न पेट घाघ की कहावत सटीक है कहां जाता है की मघा नक्षत्र यद बरस जाए तो धान की पैदावार दोगुनी होती है लेकिन इस बार मघा नक्षत्र दगा दे गया 16 से 29 अगस्त के मध्य मगर नक्षत्र बीत गया लेकिन बारिश नहीं हुई ऐसे में बरसात होते ही धान की फसलों से बालियां फूट कर पूरी तरह बाहर आ जाती है 15 दिनों से तेज धूप गर्मी होने से धान के खेतों की मिट्टी सूख गई है नमी गायब है मौजूदा समय पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र चल रहा है इसमें भी करीब आधे से अधिक समय निकल गया बरसात ना होने तथा लगातार तेज धूप निकलने से खेतों की नमी गायब हो गई किसानों ने इस बार देर से बारिश होने से किसी तरह धान की रोपाई कराई घर की गाड़ी कमाही लगाकर खरीफ की फसलों की बुवाई करने वाले किसान को आज फसलों को पानी की कमी से धान की फसलों को सूखता देख कलेजा सूख रहा है बुद्धिजीवियों का कहना है अगर मानसून इसी तरह दगा देगा तो पानी खरीद कर सीचना हम किसानों की बस की बात नहीं बिजली भी दगा दे रही है नहर में पानी नहीं आ रहा है अगर यही हाल रहा तो धान तैयार होना बहुत बड़ी बात है

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