मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डीके सिंह के सहयोग से जन्म से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तंत्रिका नली से ग्रसित बच्चे को मिला जीवनदान* रायबरेली ।। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक नवजात बच्चे को नया जीवनदान मिला । लालगंज सीएचसी पर एक बच्चा जिसका नाम अश्वनी कुमार पुत्र श्री उमेश कुमार को जन्म से ही न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तंत्रिका नली की समस्या के जन्म जात रोग रोग से ग्रसित पाया गया था, जिसे समय रहते लालगंज सीएचसी से जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एनके श्रीवास्तव के पास रिफर कर भेजा गया। परन्तु जिला चिकित्सालय में सर्जरी संभव न होने के कारण मुख्य चिकिसाधिकारी डर0 डी0के0 सिंह द्वारा बीएचयू वाराणसी रिफर किया गया इस कार्य में डी ई आई सी मैनेजर नितेश जयसवाल द्वारा जनपद वाराणसी के मैनेजर डॉक्टर अभिषेक त्रिपाठी के द्वारा बीएचयू में मुफ्त शल्य चिकित्सा हेतु दिन निश्चित कर एवं सहयोग प्रदान करते हुए मुफ्त शल्य चिकित्सा कराई गई जिससे नवजात शिशु का जीवन संकट से बाहर होकर नए आयामों को छूने हेतु तैयार हो सका । उक्त बच्चे का आज दिनांक 7 सितंबर 2019 को डॉ नागेंद्र प्रसाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी आर0 बी0 एस0 के0 कार्यक्रम रायबरेली के द्वारा टांका कटने एवं पुनः परीक्षण हेतु सीएमओ ऑफिस बुलाया गया जहां पर जांच कर बच्चे को पूर्ण स्वस्थ बताया तथा लोगों से अपील की गई इस तरीके के केस इस तरीके के केस में जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे को जरूरी चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के केस में जनपद से राज्य स्तर में केवल जनपद झांसी एवं जनपद वाराणसी में ही इनका मुफ्त शल्य चिकित्सा चिकित्सा सर्जरी संभव है। यह उपलब्धि रायबरेली के स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी उपलब्धि है जो कि समय रहते बच्चे का समुचित इलाज हो सका, और बच्चा पुर्ण रुप से स्वास्थ्य है इसमें स्वास्थ्य विभाग के कई सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा है।


मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ डीके सिंह के सहयोग से  जन्म से न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तंत्रिका नली से ग्रसित बच्चे को मिला जीवनदान

 रायबरेली ।।  राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एक नवजात बच्चे को नया जीवनदान मिला ।   लालगंज सीएचसी पर एक बच्चा जिसका नाम अश्वनी कुमार पुत्र श्री उमेश कुमार को जन्म से ही न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट तंत्रिका नली की समस्या के जन्म जात रोग रोग से ग्रसित पाया गया था, जिसे समय रहते लालगंज सीएचसी से जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर एनके श्रीवास्तव के पास रिफर कर भेजा गया। परन्तु जिला चिकित्सालय में सर्जरी संभव न होने के कारण मुख्य चिकिसाधिकारी डर0 डी0के0 सिंह द्वारा बीएचयू वाराणसी रिफर किया गया इस कार्य में डी ई आई सी मैनेजर  नितेश जयसवाल द्वारा  जनपद वाराणसी के मैनेजर डॉक्टर अभिषेक त्रिपाठी के द्वारा बीएचयू में मुफ्त शल्य चिकित्सा हेतु दिन निश्चित कर एवं सहयोग प्रदान करते हुए मुफ्त शल्य चिकित्सा कराई गई जिससे नवजात शिशु  का जीवन संकट से बाहर होकर नए आयामों को छूने हेतु  तैयार हो सका । 

उक्त बच्चे का आज दिनांक   7 सितंबर 2019 को डॉ नागेंद्र प्रसाद अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी आर0 बी0 एस0 के0 कार्यक्रम रायबरेली के द्वारा टांका कटने एवं पुनः परीक्षण हेतु सीएमओ ऑफिस बुलाया गया जहां पर जांच कर बच्चे को पूर्ण स्वस्थ बताया तथा लोगों से अपील की गई इस तरीके के केस  इस तरीके के केस में जन्म के तुरंत बाद ही बच्चे को जरूरी चिकित्सा एवं  शल्य चिकित्सा की आवश्यकता होती है राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के केस में जनपद से राज्य स्तर में केवल जनपद झांसी एवं जनपद वाराणसी में ही इनका  मुफ्त शल्य चिकित्सा चिकित्सा सर्जरी संभव है।

यह उपलब्धि रायबरेली  के स्वास्थ्य विभाग की बहुत बड़ी  उपलब्धि  है जो कि समय रहते बच्चे  का समुचित  इलाज  हो सका, और बच्चा  पुर्ण  रुप से स्वास्थ्य है इसमें  स्वास्थ्य विभाग के कई सदस्यों का सराहनीय योगदान  रहा है।

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