सावधान !जरा देख कर कि पाल के हैं या डाल के


बाजार शुकुल अमेठी-बाजारों में फलों का राजा आम आ गया है कहीं ठेलों पर तो कहीं जमीन पर आमों का ढेर देखा जा सकता है देख कर लालच में पड सकते हैं बिना बरसात की मार खाये आम लोगों की जान पर आ सकते हैं आमों की हालत  तस्वीर में देख कर समझ सकते हैं दूर से ही देख सकते हैं ज्यादातर हरे -हरे  आमों केचेहरे पर वृद्धों के शरीर जैसी सिकुडन,चमक रहित ,मुरझाया हुआ चेहरा  दिख रहा है ऐसे स्थित में किसी आदमी को देखकर उसके रोगी होने का एहसास आपको हो जाता है  तो  ऐसे ही सिकुडे ,चमक हीन पीले  की अपेक्षा हरे ज्यादा जैसे किसी युवक को उसकी जवानी में ही कोई रोग लग गया हो ऐसे ही आम ठेलों पर लदे बाजारों में  खुले तौर पर बेंचे जा रहे हैं जो लोगों को रोगी बना सकते हैं  जिन पर रसद एवं खाद़्य विभाग का खौफ नही दिख रहा है आम  की चाहत रखने वाले लोगों को आम खरीदते समय सावधान रहने की जरूरत है

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