अधिकारी कर्मचारियों की लापरवाही के चलते महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त
क्षेत्र के अधिकांश शौचालयों में लकड़ी कंडा का कर रहे हैं उपयोग
राजेश पाल की रिपोर्ट
शुकुल बाजार अमेठी सरकार की मंशा पर फिरा पानी खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया शुकुल बाजार विकासखंड सबसे बड़ी बात तो शुकुल बाजार कस्बा में ही कोई सामुदायिक सुलभ शौचालय नहीं है जिससे प्रतिदिन कस्बे में आने वाले ग्राहक और दुकानदार खुले में शौच करने के लिए मजबूर हैं यही हाल जैनम गंज कस्बे का तथा महोना कस्बे का भी है दूसरी तरफ शुकुल बाजार विकासखंड के ज्यादातर ग्राम पंचायतों में अभी तक सभी पात्रों को शौचालय मुहैया नहीं हो पाया है ऐसे में सरकार की अति महत्वपूर्ण योजना खुले में शौच से मुक्त भारत कैसे सफल होगा ज्यादातर शौचालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं ठेकेदारी से बनवाए गए यह शौचालय शौच जाने योग्य है ही नहीं अभी हाल ही में बने काफी शौचालय जर्जर हो चुके हैं जिसे किसी भी ग्राम सभा में देखा जा सकता है किसी शौचालय का पल्ला टूट गया किसी शौचालय की फर्ज चटक गई किसी शौचालय का गड्ढा बैठ गया क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब सवाल ये उठता है कि जब खुले में शौच से मुक्त नहीं होना था तो आखिर सरकारी खजाना क्यों लुटाया गया ग्राम सभा शिवली ग्राम सभा इक्का ताजपुर महोना पश्चिम महोना पूरब जैसी कई ग्राम सभाओं में तो अभी सब के पास शौचालय मुहैया ही नहीं हो पाया कई ग्राम सभाओं में मानक विहीन बने शौचालयों में कंडा लकड़ी और भूसा रखा देखा जा सकता है फिर आखिर कैसे खुले में शौच से मुक्त होगा शुकुल बाजार विकासखंड अधिकारियों कर्मचारियों की लापरवाही के चलते प्रधानमंत्री की अति महत्त्व कांछी योजना में भारी भ्रष्टाचार का खेल दिखाई दे रहा है आए दिन शिकायतें भी हो रही हैं कई ग्राम सभाएं ऐसी हैं जहां पर पीली ईट और सिर्फ बालू के जरिए मानक विहीन यूजलेस शौचालय ठेकेदारी द्वारा बनवाए गए और विकासखंड की कई ऐसी ग्राम सभाएं हैं जहां अभी सभी को शौचालय नहीं मुहैया हो पाया है फिर कैसे खुले में शौच से मुक्त होगा भारत
0 टिप्पणियाँ