व्यर्थ साबित हो रही गौशाला। किसानों को नहीं मिल रहा आवारा पशुओं से निजात

शुकुल बाजार अमेठी शुकुल बाजार विकासखंड के अंतर्गत मौजा मवैया रहमत गढ़ के रहमत गढ़ गांव में लाखों की लागत से गौशाला का निर्माण कराया गया जिसमें आसपास के गांव से कई मवेशी लाकर गौशाला में रखा गया लेकिन बाउंड्री वॉल के निर्माण ना होने की वजह से उसमें से ज्यादातर पशु निकल कर आस-पास के गांव में चले गए जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई एक तो पहले से ही हर गांव में आवारा पशुओं की बहुतायत बनी थी दूसरी इन गौशाला ओं से गए जानवरों की वजह से किसानों को और आफत का सामना करना पड़ रहा है बताते चलें इंदरिया रहमत गढ़ पूरे नेवाजी धनेशा पाठक तिवारीपुर पूरे राम दीन आदि गांव के किसानों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कोई भी फसल किसान तैयार नहीं कर सकता इस कदर आवारा पशुओं का आतंक है इस समय धान की नर्सरी सबसे बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है क्योंकि आवारा पशुओं द्वारा धान की नर्सरी को नष्ट किया जा रहा है जब धान की नर्सरी ही नहीं तैयार होगी तो किसान कैसे धान का रोपण करेंगे क्षेत्रीय किसानों का कहना है  धान की नर्सरी तैयार करना अब मुमकिन नहीं है आवारा पशुओं का आतंक बहुत ज्यादा बढ़ गया है  यह परेशानी अकेले एक किसान की नहीं है आसपास के सभी गांव के सभी किसान बेहद परेशान हैं जबकि शासन का सख्त निर्देश है कि आवारा पशुओं को गौशाला में बंद किया जाए जहां उनके चारे पानी का उचित प्रबंध है जिससे किसानों को  परेशानी का सामना ना करना पड़े  लेकिन  यहां तो आवारा पशुओं की बहुतायत दिखाई देती है क्षेत्रीय किसानों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं से निजात दिलाया जाए जिससे खेती किसानी हो सके जागरूक किसानों का कहना है इतनी मेहनत से इतनी लागत के बाद कोई फसल तैयार की जाती है जब की खेती में मुनाफा भी कम है लेकिन यहां तो  मुनाफा की बात बाद में आवारा पशुओं  के आतंक से अब खाने को भी लाले पड़ने लगे  है

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ