शिकायत करो, तमाचे से होगा निस्तारण पुलिस की कार्यशैली से ग्रामीणो में आक्रोश  शिकायत पर इस तरह नही दर्ज होता मुकदमा

अमेठी। अशोक श्रीवास्तव
फरियादी अपनी शिकायत लेकर थाना कोतवाली अमेठी में दर्ज कराते है और जांच में पुलिस फरियादी को ही तमाचे जड़ रही है। इस खेल से ग्रामीणो में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पुलिस की इस कार्यशैली से आखिर जनता भयभीत होना स्वाभाविक है। भयमुक्त का नारा पुलिस खोखला करने में लगी है।
             थाना कोतवाली अमेठी के ग्राम पंचायत भरेथा के अशोक कुमार कोरी पुत्र रामटहल कोरी ने थाना कोतवाली अमेठी में शिकायती पत्र दिया कि मै खेती के काम में लगा था और मेरी बकरियां घर पर बंधी थी। पड़ोसी गीता यादव कोमल यादव और दीपक यादव ने पागल कुत्ते को मेरे दरवाजे पर बार बार खदेड़ कर ले गये और पागल कुत्ते के काटने से मेरी बकरी मर गयी। मामले की शिकायत थाना कोतवाली अमेठी में किया। 

थाना कोतवाली अमेठी ने सिपाही चन्द्रमा यादव व बुद्वि पाल को कार्यवाही के लिए शिकायती पत्र मिला। चन्द्रमा यादव और बुद्विपाल बाइक पर सवार होकर ग्राम पूरे चैबे मजरे भरेथा पहुंचे। फरियादी अशोक कुमार कोरी को इसलिए सिपाही ने तमाचा जड़ना शुरु कर दिया क्यों थाना कोतवाली अमेठी में शिकायत की? जबकि जिनके खिलाफ शिकायत किया था। उनको पुलिस ने कुछ भी नही कहा और अगले दिन थाना कोतवाली अमेठी आने के लिए सूचना दी। जबकि फरियादी अशोक कुमार को पुलिस ने थाना कोतवाली अमेठी आने के बजाय उसे रास्ते में ही पुलिस मित्रो के साथ थाना कोतवाली न जाने की नसीहत दी।
वही पड़ोसी गीता और कोमल दीपक रंगीला आदि दलित अशोक कुमार की खिल्ली उड़ा रहे है। ग्रामीण बताते है कि पुलिस विरोधियो से सांठ गांठकर शिकायतकर्ता की पिटाई की और मुकदमा भी कायम नही हुआ। पुलिस उपनिरीक्षक से इस मामले पर बात करने का प्रयास किया लेकिन दूरभाष पर बात नही हो पायी।
     गौरतलब है कि यह मामला कोई नया नही है थाना कोतवाली अमेठी के ठीक सामने साहू टी स्टाल है थाना कोतवाली मे तैनात पुलिस उपनिरीक्षक ए0पी0 मिश्र ने चाय की दुकानदार भोलानाथ से चाय मांगी तो उन्होने जवाब दिया अभी चाय तैयार नही है इतना सुनते ही तमतमाये दरोगा ने दुकानदार को तमाचे पे तमाचा जड़ दिया। प्रशासन इस मामले में निरंकुश है इस नाते पुलिस अपनी कार्यशैली दिन ब दिन बदलती जा रही है। योगी सरकार लोगो के ऊपर पुलिस का कहर बरसा रही है। आखिर पीड़ित कब तक पिटते रहेगे?

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