सामूहिक विवाह योजना का उद्देष्य सदभाव एवं समरसता लाना है।
अमेठी, 12 दिसम्बर 2017, जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछडा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग व सामान्य वर्ग के आवेदकों को उनकी विवाह योग्य कन्या/विधवा/परिपक्वता/तलाकशुदा महिलाओं के विवाह हेतु उनकी सामाजिक, धार्मिक मान्यता व रीति-रिवाज के अनुसार सामूहिक रूप से आयोजित विवाह कार्यक्रम में सम्पन्न शादी हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाना है तथा सर्वधर्म सम्भाव एवं सामाजिक समरसता को बढावा देना है। इसके लिए आवश्यक है कि आवेदक जनपद का निवासी हो। आवेदक के परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में रू0 46080/- तथा शहरी क्षेत्र में रू0.56,480/-वार्षिक से कम हो। शादी की तिथि को कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक व वर की आयु 21 वर्ष से अधिक हो।(आयु की पुष्टि के लिए स्कूल शैक्षिक रिकार्ड , जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड आधार कार्ड मान्य हो)। अनुसूचित जाति/ पिछड़ी जाति के आवेदकों जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना आवश्यक हेागा। निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग जन की पुत्री या ऐसी कन्याओं स्वयं दिव्यांग हेा को प्राथमिकता दी जोयगी। नगरीय निकाय, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायत, ऐसी शासकीय/अर्द्धशासकीय संस्थाएं/स्वैच्छिक संस्थाएं जिन्हें जिले के जिलाधिकारी महेादय सामूहिक विवाह कार्यक्रम कराने हेतु अधिकृत किया जाय। सामूहिक विवाह योजना में कम से कम 10 जोड़ों का शामिल हेाना अनिवार्य है। जनपद स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम में 100 जोड़ों को कार्यक्रम में शामिल किया जोयगा। कार्यक्रम का आयोजन 20.01.2018 से 30.01.2018 के मध्य किया जोयगा।
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