बालिकाओं ने लिंग भेद के खिलाफ निकाली रैली

बालिकाओं ने लिंग भेद के खिलाफ निकाली रैली

   वाराणसी /उत्तर प्रदेश(ब्यूरो)-

लोक समिति और आशा ट्रस्ट के तत्वाधान में रविवार को वाराणसी जनपद के सिहोरवां (उत्तरी) में लड़कियों ने लिंग भेद के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली। खास बात यह रही कि रैली में लड़कियों के अलावा बड़ी संख्या में गाँव की महिलाओं ने भी भाग लिया। रैली में शामिल छात्र छात्राएं नही किसी का हो अपमान लड़का लड़की एक समान,बाबा हमको पढ़ने दो पढ़कर आगे बढ़ने दो, कन्या भ्रूण हत्या बन्द करो, बाल विवाह पर रोक लगाओ, हमको दुनिया में आने दो अपना मान बढ़ाने दो, बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ आदि नारे लगाते और हाथ में तख्तियाँ लेकर चल रहे थे। रैली प्राइमरी स्कूल  से प्रारम्भ होकर गाँव के विभिन्न बस्तियों से होकर पंचायत भवन तक गयी ।जहा पर बालिका महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सामाजिक कार्यकर्ता रंजू सिंह,विजय राजभर,मनीष सिंह,किरण पटेल, व विकास श्रीवास्तव ने दीप जलाकर किया। लड़कियों ने लिंग भेदभाव और लड़का लड़की असमानता पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम किया । कार्यक्रम में आसपास के कई गांव के छात्र छात्राओं ने भाग लिया और असमानता के खिलाफ  खुलकर अपने विचार रखें।
*मुख्य अतिथि महिला चेतना समिति की निदेशिका रंजू सिंह  ने कहा कि हमारा समाज लड़कियों और लड़कों में आज भी भेदभाव कर रहा है। जिसके कारण कोख में ही लड़कियों को मार दिया जाता है नतीजन  दिनप्रतिदिन लड़कियों की संख्या घटती जा रही है। उत्तर प्रदेश की आबादी में छह साल की उम्र में एक हजार बच्चों के मुकाबले सिर्फ 902 बच्चियां है। इस आंकड़े के मुताबिक प्रदेश में हर साल औसतन पौने दो लाख बेटियां गायब हो रही हैं, जो चिंता की बात है।

लोक समिति के संयोजक नंदलाल मास्टर ने  कहा कि गाँव गाँव में किशोरी संगठन की लड़कियों ने इस अभियान के तहत  जन जागरुकता अभियान चलाया है समाज में ब्याप्त दहेज,बाल विवाह,कन्या भ्रूण हत्या,महिला हिंसा को ख़त्म करने के लिये लड़कियों की टोली गठित की जा रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता स्वाति सिंह ने  कहा कि यदि हमें खुशहाल घर समाज चाहिए तो महिलाओं के साथ होने वाले हर तरह के भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
कार्यक्रम का संचालन राममनोहर लोहिया महाविद्यालय पी0जी0 कालेज की छात्र उपाध्यक्ष सीता पटेल, स्वागत शुषमा और धन्यवाद ज्ञापन सरिता पटेल ने किया। कार्यक्रम में मुख्यरूप से विजय राजभर,राजकुमार पटेल,मनीष पटेल,सोनी,अनीता,अमित,रामकिंकर,प्रेमशीला,सोनम,स्मिता,साधना, सीमा,सुनीता,कोमल,वन्दना,किरन पटेल आदि लोगों ने अपने अपने विचार दिये।

  

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