उप कृषि निदेशक ने अवगत कराया है कि जनपद जौनपुर में वर्तमान वित्तीय वर्ष से संचालित एग्रीस्टैक योजनार्न्तगत डिजिटल क्राप सर्वे के बाद अब किसानो को एम0एस0पी0 (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर अपनी फसल बेचने के लिये दस्तावेजो के बार-बार सत्यापन की समस्या से मुक्ति मिल जायेगी, इसके साथ ही सरकार के पास खेतो में बोई जा रही फसलो का सटीक आकड़ा भी रहेगा। इसके आधार पर फसलवार अनुमानित उपज के आकड़े के अलावा कृषि सम्बन्धित नीतियॉं तय करने मे भी मदद मिलेगी। साथ ही शासन स्तर पर खाद व बीज की उपलब्धता का भी ऑंकलन हो सकेगा। इसका एक लाभ यह भी होगा कि किसानो को दैवीय आपदा की स्थिति में अब फसल का मुआवजा भी मिलना आसान हो जायेगा।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि अभी तक गेहूॅ, चावल, मक्का, बाजरा आदि विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी क्रय केन्द्रों पर बिक्री के समय किसानों को हर बार अपने दस्तावेजां का सत्यापन राजस्व विभाग से कराना पड़ता है। अब डिजिटल क्राप सर्वे के बाद इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी इस तरह सरकार के पास प्रत्येक खेत के सटीक ऑंकड़े मौजूद रहेंगे और शासन स्तर पर कृषि सम्बन्धित योजनाओं की बेहतर ढंग से तैयारी करने में मदद मिलेगी। किसी भी दैवीय आपदा की स्थिति में फसलों को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को मुआवजा मिलने की प्रक्रिया भी सरल हो जायेगी। सटीक आकड़ों की उपलब्धता के आधार पर सरकार की ओर से किसानों को उन्नत बीज और आवश्यक उर्वरको की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी आसानी होगी। उप कृषि निदेशक, जौनपुर नें बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से ’’एग्री स्टैक योजना’’ के तहत खरीफ फसलो की मोबाईल एप के माध्यम से ई0-पड़ताल/डिजिटल क्राप सर्वे कराने के निर्देश मिल गये है, इसके लिये जनपद के 3495 राजस्व ग्रामो मे स्थित कुल 23 लाख खेतो (राजस्व गाटो) की रीयल टाइम आन्लाईन पड़ताल की जायेगी, जिसके लिये जनपद को कुल 1040 क्लस्टर में विभाजित किया गया है। अभियान के लिये जिलाधिकारी महोदय की अध्यक्षता मे गठित समिति में मुख्य विकास अधिकारी व अपर जिलाधिकारी के अलावा कृषि विभाग से जुड़े विभिन्न अधिकारियों को शामिल करते हुये 10 सदस्यीय समिति गठित की गई है। इसमें सर्वे हेतु कर्मचारियों को प्रत्येक खेत की मेड़ पर जाकर मोबाइल एप पर डाटा इन्ट्री करनी होगी। इसमें राजस्व व कृषि विभाग के अलावा पंचायतीराज विभाग के कर्मचारियां को भी लगाया गया है, इसके लिये जनपद एवं तहसील स्तर पर कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी करा लिया गया है

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