वीरेन्द्र कुमार यादव अक्षय मेल समाचार जौनपुर
बैठक में योजना के मुख्य उद्देश्य गंभीर कुपोषित बच्चों को पोषित बच्चो की श्रेणी में लाने के प्रबंधन की रणनीति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई, जिसमे गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, उनके स्वास्थ्य जांच, संदर्भन एवं पोषण प्रबंधन की व्यवस्था करने का निर्देश जिलाधिकारी महोदय द्वारा संबंधित अधिकारियो को दिया गया।
जनपद को कुपोषण मुक्त बनाने की संकल्पना के साथ कार्य योजना बनाकर बच्चों को समय से पोषाहार दवाएं देने के साथ ही अभिभावकों को बच्चों के खान-पान पर ध्यान देने के लिए जागरूक करने के साथ ही बच्चो के निगरानी का भी निर्देश जिलाधिकारी महोदय द्वारा दिया गया।
उन्होंने निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय, फोर्टीफाइड चावल के वितरण की गति को तेज किया जाए, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण की प्रगति तेज हो और सभी आधारभूत सुविधाएं केंद्रों पर उपलब्ध होने चाहिए।
जिलाधिकारी महोदय द्वारा कहा गया कि संभव अभियान के तहत जुलाई से सितंबर तक शुरू हो रहे पोषण माह में कुपोषण समस्या से जुड़ी विभिन्न जनजागरूक गतिविधियां जनपद में विभिन्न स्थानों पर आयोजित की जाएंगी, अति कुपोषित (सैम) और कुपोषित (मैम) बच्चों का सही चिह्नांकन, उपचार व सामुदायिक स्तर पर उनके प्रबंधन के साथ कुपोषण की रोकथाम के लिए व्यवहार परिवर्तन पर जोर दिया गया साथ ही जो बच्चे अधिक गंभीर कुपोषित होंगे उन्हें पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी साईं तेजा सीलम, मुख्य राजस्व अधिकारी गणेश प्रसाद, बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ० गोरखनाथ पटेल, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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