रंग यात्रा की हास्य नाट्य मिस अहलूवालिया की प्रस्तुति ने जीता दर्शकों का दिल, हंसते हंसते हुए लोटपोट। रंगकर्मियों का हुआ सम्मान


रंग यात्रा की हास्य नाट्य मिस अहलूवालिया की प्रस्तुति ने जीता दर्शकों का दिल, हंसते हंसते हुए लोटपोट।
रंगकर्मियों का हुआ सम्मान।



राज्य ब्यूरो अक्षय मेल लखनऊ।
स्थानीय उ. प्र. संगीत एवं नाटक एकैडमी के बाल्मीकि रंगशाला में अनादि सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा रंग यात्रा के बैनर तले बांग्ला लेखक शेखर चटर्जी द्वारा लिखित व डॉ प्रतिभा अग्रवाल द्वारा हिन्दी में अनुवादित हास्य नाटक मिस अहलूवालिया के मंचन ने 2023 में एक नया कीर्तीमान गढ़ डाला।दर्शकों से खचाखच भरे हॉल का हाल तो मत पूछिये। कलाकारों के सशक्त अभिनय ने लोगों को खूब गुदगुदाया। हंसते हंसते पेट में बल पड़ गए सभी के। नाट्य परिकल्पना व निर्देशन ज्ञानेश्वर मिश्र ज्ञानी का था एवं मिस अहलूवालिया का किरदार स्वयं उन्हीं के द्वारा निभाया गया। प्यारे लाल व समीर के दोस्त डी के को महिलाओं का रोल निभाने की बड़ी तमन्ना थी जो प्यारे लाल की नैनीताल से मिलने आ रही आंटी मिस अहलूवालिया से मिलवाने के बहाने समीर और प्यारे लाल अपनी अपनी सेटिंग शैल व मीना को चाय पर आमंत्रित कर लिए जाने और फिर मौसी का प्रोग्राम कैन्सिल हो जाने पर उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए नकली मिस अहलूवालिया का रोल अदा करने का ऑफर समीर व प्यारे लाल द्वारा दिए जाने पर पूरी हो जाती है। 
नाट्य प्रस्तुति में प्यारेलाल - डॉ मधु प्रकाश श्रीवास्तव, समीर - आशीष सिंह, डी के - ज्ञानेश्वर मिश्र ज्ञानी, शैल - ज्योति परिहार, मीना - प्रियंका भारती, समीर के चाचा जीवन - अनिल कुमार, शैल व मीना के पिता भवतारण - शक्ति सिंह, असली मौसी मिस विशालाक्षी अहलूवालिया उर्फ शिवानी - नीलम वार्ष्णेय, नौकर दुर्योधन - सौरभ शुक्ला, नाई - संकल्प शुक्ला, विशालाक्षी की भांजी पुष्पिता - अंशिका सक्सेना ने अपने अभिनय से कार्यक्रम को सफलता के पायदान तक पहुँचाने वाले समस्त रंग कर्मियों को कानपुर की पृथ्वी रंगमंच संस्था, कानपुर द्वारा अंगवस्त्र व प्रतीक चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। श्रीमती मुन्नी देवी मिश्रा, निर्देशक ज्ञानेश्वर मिश्रा "ज्ञानी" सहित पर्दे के पीछे से अपना योगदान देने वाले लाइट संचालन - तमाल बोस, मेकअप आर्टिस्ट राज किशोर गुप्ता, मंच संचालन इशिता वार्ष्णेय, बैक ग्राउंड म्यूजिक राहुल शर्मा, मंच सज्जा उमंग फाउंडेशन, कॉस्टयूम डिज़ाइनर रीमा सक्सेना आदि का भी मोहित बरुआ, संस्थापक अध्यक्ष पृथ्वी रंगमंच, कानपुर द्वारा हुआ सम्मान।

रिपोर्ट - पण्डित बेअदब लखनवी

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