दरोगा ने पीड़ित की ही जिंदगी बर्बाद करने की दिया धमकी,पुलिस की दबंगई से पीड़ित ने छोड़ा घर ।। पीड़ित की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करवा रहा है दरोगा ।। पीड़ित ने मुख्यमंत्री,डीजीपी सहित उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर लगायी न्याय की गुहार।

दरोगा ने पीड़ित की ही जिंदगी बर्बाद करने की दिया धमकी,पुलिस की दबंगई से पीड़ित ने छोड़ा घर ।।
 पीड़ित की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा करवा रहा है दरोगा ।।                                         पीड़ित ने मुख्यमंत्री,डीजीपी सहित उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर लगायी न्याय की गुहार।




अक्षय मेल अमेठी।
मुसाफिरखाना/अमेठी। अमेठी के कोतवाली मुसाफिरखाना की ग्राम  चकबहेर  मठाभुसुण्डा निवासी पीड़ित ने सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ, पुलिस महानिदेशक ,प्रमुख सचिव गृह सहित कई उच्चाधिकारियों को भेजे गए शिकायती पत्र में पुलिस के द्वारा दबंगई कर पीड़ित की जमीन पर कब्जा कराने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने अपने पत्र में लिखा है कि  उसके दादी माँ सुरसती के नाम पुश्तैनी खाते की जमीन पर गांव के ही सरहंग व दबंग किस्म के व्यक्ति त्रियुगी नारायण पुत्र  तुंगनाथ , मुकेश कुमार ,राकेश कुमार पुत्र गण त्रियुगीनारायण , मथुरा प्रसाद, मुन्ना यादव पुत्रगण रामसरन क्षेत्रीय उपनिरीक्षक संकठा प्रसाद मौर्य की मिलीभगत से कब्जा करवा रहे है।   पीड़ित के पिता स्वर्गीय देवनारायण यादव ने लगभग 25 वर्षों पूर्व अपनी जमीन के सीमा जिसके पश्चिम में राम सरन की जमीन है उस पर एक पक्की दीवाल बनाई थी जो आज भी कायम है । दीवाल के बगल में सागौन के तीन पेड़ लगभग 10 बर्षो पूर्व रोपित हुये थे। पीड़ित के भाई सर्वेश कुमार यादव क्षेत्र पंचायत सदस्य निर्वाचित हुआ । साजिश के तहत उपनिरीक्षक संकठा प्रसाद मौर्य पीड़ित को थाने बुलाकर 151 में जेल भेज दिया जबकि कोई विवाद नहीं हुआ था और मेरे परिवार के लोगों पर 107/16 की कार्रवाई भी कर दिया इससे पहले ही उप निरीक्षक संकठा प्रसाद मौर्य प्रार्थी को थाने बुलाकर धमकी दी थी कि मेरी बात नहीं मानोगे तो तुझे व तेरे परिवार वालों के विरुद्ध मुकदमा लिख कर जेल में डालकर  जिंदगी बर्बाद कर दूंगा । इसी साजिश के तहत 19 सितंबर को प्रार्थी का बिना किसी लड़ाई झगड़े के कारण के 151 में चलान कर के अपराधी बनाने की मुहिम छेड़ दी। पीड़ित ने स्वयं देखा था कि 18 सितम्बर को कल्लू हलवाई की दुकान में उपरोक्त लोगों से संकठा प्रसाद रुपया ले रहे थे जिसमें 500 रुपये के कई नोट थे।दिनांक 12.11.2021 को संकठा प्रसाद मौर्या बैठकर नाली निर्माण करवा रहे थे और उन्ही के सामने उपरोक्त विपक्षी लोग ईंट पत्थर मार रहे थे जिसका पीड़ित के पास चलचित्र और फोटो है। दरोगा कारनामो से परेशान होकर  क्षेत्राधिकारी मनोज यादव के पास फरियाद लेकर गया तो उपनिरीक्षक संकठा प्रसाद मौर्य को लेकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों के सामने ही पीड़ित की बात अनसुनी करते हुए तुगलकी फरमान जारी किया कि पीड़ित को ही हवालात में डालकर जबरदस्ती नाली निर्माण कराओ। क्षेत्राधिकारी और उपनिरीक्षक के इस प्रकार के अमानवीय व्यवहार से डरकर घर को छोड़कर बाहर रहने को मजबूर हैं। पीड़ित ने पत्र में लिखकर आशंका जताई है कि उप निरीक्षक संकटा प्रसाद मौर्या के कारण उसके या उसके परिवार के साथ हत्या या हत्या जैसे अपराध कारित हो सकते हैं। अब देखना यह है कि पीड़ित को उच्चाधिकारियों के निर्देशन में न्याय मिलता है या फिर मुसाफिरखाना पुलिस एक निर्दोष को बनाती है अपराधी।

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