उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की।

अक्षय मेल समाचार जौनपुर
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सदस्यों ने अधिकारियों के साथ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में की। बैठक में  उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सभापति हीरालाल यादव द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाली समस्याओं के साथ जनप्रतिनिधियों से प्राप्त पत्रों पर कार्यवाही जनप्रतिनिधियों के द्वारा दिए जाने वाले प्रोटोकाल जैसे बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई।  
          उत्तर प्रदेश विधान परिषद की संसदीय अध्ययन समिति के सभापति ने वर्तमान सरकार के गठन के बाद सांसद विधान मंडल सदस्यों के द्वारा प्रदेश के जनपदों से भी भेजे गए पत्रों पर कार्यवाही को लेकर भी चर्चा की।
            समिति ने मंशा व्यक्त की गई कि जिलाधिकारी सभी विभागाध्यक्ष को पत्र प्रेषित करें कि जनप्रतिनिधियों के कार्यालय में जाने पर प्रोटोकॉल के तहत उचित सम्मान मिले और उनकी समस्याओं को सुनते हुए समस्या का निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर जनप्रतिनिधियों का फोन अवश्य उठाया जाए, अपरिहार्य दशा में में फोन ना उठने पर कॉल बैक अवश्य किया जाए। माननीय सभापति द्वारा अपेक्षा की गई कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन योजना के तहत आने वाले पत्रों में देरी न की जाए ,ऐसे गंभीर मामलों के पत्रों का निस्तारण जल्द से जल्द कराया जाना सुनिश्चित की जाए। समिति के द्वारा जिला प्रशासन के द्वारा अब तक किए गए कार्यों को देखकर संतोष प्रकट करते हुए प्रशंसा की।
         जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने समिति को आश्वासन दिया की उनके द्वारा दिये गए सुझावो एवं अन्य समस्याओं पर प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द कार्रवाई कर शीघ्र अवगत कराया जाएगा।
            विधान परिषद संसदीय समिति की बैठक में समिति के सदस्य लाल बिहारी यादव शिक्षक एमएलसी, एमएलसी सुरेश कश्यप, उपसचिव राम नयन, अतुल सलूजा, सुनील कुमार, अजय कुमार के साथ ही मुख्य विकास अधिकारी अनुपम शुक्ला जिला विकास अधिकारी बीबी सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी आर.डी. यादव, उपायुक्त मनरेगा भूपेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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