जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किसी भी बन्दी को वादों में पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता होने पर उनके प्रार्थना पत्र प्रेशित किया जाना सुनिश्चित करें। जेल पी0एल0वी0गण को नियमित रूप से सभी बन्दियों को जागरूक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।

अक्षय मेल समाचार जौनपुर
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर के संरक्षण एवं अनुमति से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्ववाधान में बन्दियों को विधिक जानकारी प्रदान करने हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर श्रीमती शिवानी रावत की अध्यक्षता में 13 जुलाई 2021 को समय अपराह्न 01ः00 बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कारागार, जौनपुर का वर्चुवल निरीक्षण एवं महिला बन्दियों के लाभार्थ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
             इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शिवानी रावत द्वारा पूॅंछे जाने पर डिप्टी जेलर सुनील दत्त मिश्रा द्वारा बताया गया कि 18 से 44 आयु वर्ग के 577 बन्दियों को वैक्सीन की प्रथम डोज तथा 231 बन्दियों को वैक्सीन की द्वितीय डोज दी जा चुकी है। वर्तमान में कोई भी बन्दी गम्भीर रूप से बीमार व कोविड मरीज नहीं है। जिला कारागार में कुल 1154 बन्दी है, महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के नाश्ता, भोजन आदि की उपलब्धता के सम्बन्ध में पूछे जाने पर महिला बन्दियों द्वारा बताया गया कि बच्चों को समय से नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
सचिव, श्रीमती शिवानी रावत द्वारा बन्दियों को ‘‘ प्ली बारगेनिंग ’’ के बारे में बताते हुए कहा गया कि यह एक स्वैछिक प्रक्रिया है। इस प्रक्रिया के तहत अपराधी अपने अपराध को स्वेच्छा से स्वीकार करता है। इससे न्यायालय द्वारा आरोपी पर लगी धाराओं को कम सजा में बदल सकता है। इसमें दोनों पक्षों के बीच होने वाला समझौता अदालत की देख-रेख में होता है। जिनमें सात साल से कम सजा है और बन्दी कुछ समय कारागार में व्यतीत कर चुके है। वे जुर्म स्वीकार का प्रार्थना पत्र देकर सुलह के माध्यम से अपने वाद को अन्तिम रूप से निस्तारित करा सकते है।  
                 सचिव, द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान करायी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी एवं बन्दियों को कोविड-19 प्रोटोकाल के नियमों के पालन हेतु निर्देशित किया गया। जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किसी भी बन्दी को वादों में पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता होने पर उनके प्रार्थना पत्र प्रेशित किया जाना सुनिश्चित करें। जेल पी0एल0वी0गण को नियमित रूप से सभी बन्दियों को जागरूक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर डिप्टी जेलर श्री सुनील दत्त मिश्रा, जेल पीएलवी गण दीपक, सुरेन्द्र, विमल, विकास व त्रिभुवन यादव तथा अन्य बंदी उपस्थित रहे।

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